उसने धोखे से राजेंद्र के मकान की अपने नाम पावर ऑफ अटार्नी करा ली थी। इसमें नूरजहां और यतेंद्र गवाह बने थे। वह पायल की मदद से उस पर मकान खाली करने का दबाव बना रहा था। इसलिए हत्या की योजना बनाई। राजेंद्र की मौत के बाद भाई संतोष पायल से मकान खाली कराना चाहता था। मगर, वो तैयार नहीं थे। इससे ही पायल पर शक हुआ।
पुलिस ने जांच की। क्राइम सीन भी दोहराया गया। विकलांग के कुर्सी पर चढ़कर फंदे पर लटकने की पुष्टि नहीं हुई। इसमें हत्या करना साबित हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राजेंद्र को फंदे पर लटका दिया था, जिससे हत्या नहीं खुदकुशी लगे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- धर्मेंद्र नरवाली उर्फ नंदू निवासी आवास विकास कॉलोनी, बोदला।
- यतेंद्र उर्फ गोलू निवासी मनीष नगर, बोदला।
- नूरजहां पत्नी अनवर निवासी नीरज विहार, बोदला।