सामूहिक विवाह में शादी के बाद पति का व्यवहार कुछ दिन तो ठीक रहा, लेकिन फिर दहेज के लिए उसका लालच बढ़ने लगा। शादी के बाद विवाहिता ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन उसके बाद भी पति का लालच खत्म नहीं हुआ और एक लाख रुपये लाने की शर्त रखकर पत्नी को मायके में छोड़ दिया।
आगरा के बाह में दो साल पहले 29 मई को जरार के मंडी मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बाह के साहबराय पुरा की पूनम ने पिढ़ौरा के देवपुरा गांव के केशव के साथ सात फेरे लिए थे। ससुराल की झूठी शान के लिए जमीन बेचकर दावत और दहेज दिया। इसके बाद भी एक लाख रुपये की मांग की। इसके लिए पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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ये है मामला
साहबराय पुरा की पूनम ने पुलिस को बताया कि 22 मई 2022 को देवपुरा के केशव के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी हुई थी। गांव समाज में इज्जत के नाम पर मां ने जमीन बेचकर 17 जून को लग्नोत्सव, 21 जून को शादी समारोह आयोजित किया। बाइक, सवा लाख रुपये, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान दहेज में दिया। 25 जून 2023 को पूनम ने बेटे को जन्म दिया। इसके बावजूद भी उसका उत्पीड़न नहीं रुका।
पति छोड़ गया मायके
21 जुलाई और 17 सितंबर को उत्पीड़न की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पति उसे मायके छोड़ गया। एक लाख रुपये न देने पर दूसरी शादी की धमकी दी है। प्रभारी निरीक्षक बाह श्याम सिंह ने बताया कि पूनम की तहरीर पर पति केशव, सास बैजंती, जेठ धर्मवीर, सुल्तान सिंह, जेठानी पिंकी, गीता, ननद अनीता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, जांच की जा रही है।