बाह। सिस्टम की सुस्ती और प्रशासनिक लापरवाही ने 2 सितंबर को गढ़वार गांव के एक अजन्मे की जिंदगी छीन ली थी। सड़क के गड्ढे में एंबुलेंस फंसने से प्रसूता निधि समय से अस्पताल नहीं पहुंच सकी। नतीजतन गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई। बाह के एसडीएम विनोद कुमार ने लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
बता दें कि नवजात की मौत का मामला तब सामने आया था, जब गांव के भानु प्रताप सिंह, विभूत नरायन सिंह, रिक्की सिंह, अमित कुमार, हरेंद्र सिंह आदि शनिवार को समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे। शिकायत में कहा था कि 2 सितंबर की रात गढ़वार गांव के प्रवेंद्र की पत्नी निधि को प्रसव पीड़ा हुई थी। रात 1 बजे परिजन ने कॉल कर एंबुलेंस बुलाई थी। कुछ देर में ही पहुंची एंबुलेंस गांव के मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे में फंस गई। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से करीब दो घंटे तक मशक्कत कर एंबुलेंस को बाहर निकाला। इसके बाद परिजन प्रसूता को लेकर करीब साढ़े तीन बजे निजी अस्पताल पहुंचे। परिजन को डॉक्टर ने बताया कि प्रसव में देरी के कारण नवजात की मौत हो गई। मामला उजागर होने पर लोक निर्माण विभाग रविवार को बारिश में पूरे दिन मुकुंदपुरा गढ़वार लिंक मार्ग के कटान को दुरुस्त करने में जुटा रहा। कटान के गड्ढे को गिट्टी डाल कर भर दिया है। बुलडोजर चला कर उसे समतल कर आवागमन लायक बना दिया है। लोक निर्माण विभाग के जेई नागेंद्र वर्मा ने बताया कि पूरे गांव का बारिश का पानी लिंक मार्ग के कटान स्थल से होकर बहता है। कुछ दूरी पर पुलिया है, लेकिन वह बंद कर दी गई है। बारिश थमने के बाद फिर से सफाई कराकर सड़क की मरम्मत एवं डामरीकरण कराया जाएगा। सड़क का कटान भरने पर राहत की सांस लेते हुए भानु प्रताप सिंह ने बताया कि काश समय रहते दुरुस्त कर दी गई होती तो नवजात की जान जाने से बच जाती। एसडीएम बाह विनोद कुमार ने पत्र में लिखा है कि एक माह पूर्व लिंक मार्ग कट गया था। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को सूचित किया था। लेकिन उदासीनता के कारण मरम्मत नहीं हो सकी और 2 सितंबर को एंबुलेंस फंसने की वजह से प्रसूता समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी, जिससे नवजात की मौत हो गई। पत्र में उन्होंने 200 मीटर के मार्ग को बनवाने की ग्रामीणों की मांग से भी अधिशासी अभियंता को अवगत कराया है।
लिंक मार्ग कटने की सूचना के बाद अधिकारी एवं कर्मचारियों की उदासीनता से मरम्मत नहीं हो सकी थी। लिहाजा 2 सितंबर को कटान में एंबुलेंस फंसने से प्रसूता देर से अस्पताल पहुंच सकी थी। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
- विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी, बाह