परिषदीय स्कूलों में चिक्की के वितरण की व्यवस्था स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। पहले दिन जो चिक्की दी गई, उसमें धागे निकले। पहले दिन ही गुणवत्ता पर सवाल उठ गए।
कासगंज के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों से हटाकर स्वयं सहायता समूहों को चिक्की वितरण के सौंपे गए कार्य के पहले दिन ही गुणवत्ता पर सवाल उठ गए। कई विद्यालयों में चिक्की में धागे निकलने व गुणवत्ता खराब आने की शिकायतें आई।
विज्ञापन
शासन से मध्याहन भोजन योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में नवंबर माह से मार्च माह तक गजक की चिक्की वितरण योजना को लागू किया है। माह के प्रत्येक बृहस्पतिवार को इसका वितरण किया जा रहा है। अभी तक विद्यालयों के शिक्षक ही इसका वितरण कर रहे थे, लेकिन इस व्यवस्था में बदलाव करके स्वयं सहायता समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई।
परिषदीय विद्यालय सुजातगंज, प्राथमिक विद्यालय अमरपुर ढिलावली के स्कूलों में कई बच्चों की चिक्की में धागे निकले। इसके बाद बच्चों ने इनको खाने से इन्कार कर दिया।