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हरि की पौड़ी का जल प्रदूषित होने से मरीं हजारों मछलियां, तीर्थपुरोहितों में आक्रोश

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कासगंज सोरोंजी की हरि की पौड़ी में उतरातीं मृत मछलियां - फोटो : KASGANJ
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सोरोंजी (कासगंज)। तीर्थनगरी की हरि की पौड़ी में गंगा के जल की आपूर्ति बाधित होने के कारण जल प्रदूषित हो गया है। जल प्रदूषित होने के कारण ऑक्सीजन का लेवल गिर गया है, जिससे हरि की पौड़ी में हजारों की संख्या में मछलियां मर गई हैं। हरि की पौड़ी में मछलियों के मरने का दृश्य देखकर तीर्थनगरी के वाशिंदों व पुरोहितों में आक्रोश है। उन्होंने शीघ्र गंगाजल की आपूर्ति कराने की मांग उठाई है।
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हरि की पौड़ी में गंगाजल की आपूर्ति गोरहा नहर के माध्यम से होती है। पिछले 15 दिनों से हरि की पौड़ी को गोरहा नहर से गंगाजल की आपूर्ति नहीं हुई है। केवल नगरपालिका द्वारा ट्यूबवेल के माध्यम से जलापूर्ति कराई जा रही है। हरि की पौड़ी के जल का स्तर घट गया है और प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। इससे हजारों की संख्या में मछलियां दम तोड़ चुकी हैं। मृत मछलियां जल की ऊपरी सतह पर उतरा रही हैं। नगरपालिका ने मृत मछलियों को हरि की पौड़ी के कुंड से निकलवाना शुरू कर दिया है। जल में प्रदूषण बढ़ जाने के कारण श्रद्धालु तीर्थयात्रियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। गंगाजल आचमन योग्य नहीं है। ऐसी स्थिति को देखते हुए तीर्थपुरोहितों में काफी आक्रोश है। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि हरि की पौड़ी में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिससे पानी की गुणवत्ता में सुधार हो सके और मछली व अन्य जल जीवों की जान न जाए।तीर्थपुरोहित मुनीन्द्र कुमार चौधरी, रामा शंकर महेरे, रामकिशन शर्मा, पंकज चौबे, मनोज मिश्रा, हरिओम बडग़ैयां आदि ने पालिका प्रशासन से हरि की पौड़ी में शीघ्र जल आपूर्ति की मांग की है।
- हरि की पौड़ी में पिछले 15 दिनों से गोरहा नहर के माध्यम से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। यह स्थिति गंभीर है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को भी पत्र लिखा गया है। ट्यूबवेल के द्वारा हरि की पौड़ी में पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। मृत मछलियों को बाहर निकाला गया है। - मुन्नीदेवी, नगर पालिका अध्यक्ष
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