मैनपुरी। तिरुपति मंदिर के प्रसादम में मिलावट सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम के आदेश के बाद अब मैनपुरी के मंदिरों के बाहर प्रसाद बेचने वालों की भी सूची मांगी गई है। इन्हें भोग योजना में पंजीकृत कराया जाएगा। आदेश मिलने के बाद एफएसडीए ने तैयारी शुरू कर दी है।
प्रसाद में मिलावट के मामले को उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। मथुरा में जहां प्रसाद में प्रयोग किए जाने वाले मावे के नमूने लिए जा रहे हैं तो वहीं पूरे प्रदेश में इस पर काम किया जाएगा। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के छोटे बड़े मंदिरों में या उनके बाहर बनने वाले प्रसाद और उनके निर्माताओं की सूची मांगी है। ये सूची खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से मांगी गई है। इन प्रसाद निर्मााताओं का पंजीकरण केंद्र सरकार की भोग योजना में कराना होगा।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि जिले के मंदिरों के बाहर प्रसाद बनाने वालों की सूची तैयार की जाएगी। शासन के आदेश पर इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है।