आगरा। धनतेरस पर शहर के सभी बाजार गुलजार रहे। सोना-चांदी के आभूषण, पीतल कांसे के बर्तन के अलावा स्टील के बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, दीपक और झाड़ू की भी शहरवासियों ने जमकर खरीदारी की। इसके साथ ही बच्चों ने रोशनी वाले पटाखों की खरीद की। बाजार में तलवार, थाॅर के हथौड़े और बल्ले के आकार वाले पटाखे खूब पसंद किए जा रहे हैं, जिनसे आवाज नहीं बल्कि शानदार रोशनी निकलेगी।
शनिवार को धनतेरस पर बाजारों में लक्ष्मी बरसी और घरों में लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोग कीमती धातु (सोना, चांदी, पीतल, कांसा) की खरीदारी की। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग पूजन के लिए मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश घर लेकर आए। मिट्टी के दिये, खील-बताशे-खिलौनों के साथ हठरी (मिट्टी का घर) व पूजा से जुड़ी सामग्री की खरीदारी की गई।
वहीं धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की मान्यता के चलते बड़ी संख्या लोगों ने झाड़ू खरीदी। करकुंज स्थित दुकानदार प्रियांक अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल तक बहुत कम लोग झाड़ू की खरीदते थे, लेकिन इस वर्ष झाड़ू की अप्रत्याशित बिक्री हुई है। इसी के चलते लोकल झाड़ू 60 से 120 रुपये और ब्रांडेड झाड़ू की बिक्री 250 रुपये तक में हुई।
मिट्टी के बर्तनों का बढ़ा रुझान
वोकल फॉर लोकल अभियान के चलते लोगों की पहली पसंद मिट्टी के दिए और बर्तन बन रही है। शहर में एक ओर छोटे- बड़े रंगीन, कलात्मक दीयों की खास मांग रही। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन जिनमें हांडी, तवा, कुकर जैसे बर्तनों को भी खरीदारी की गई। दुकानदार श्याम कुमार ने बताया कि मिट्टी के बर्तनों की क्वालिटी में सुधार हुआ है। सेहत के लिए लाभदायक होने और स्वाद में बेहतरीन होने के कारण लोगों का रुझान इनकी ओर बढ़ा है। यह 200 रुपये से 5000 तक की कीमत में आसानी से मिल जाते हैं।
गेम ऑफ थ्रोन्स से प्रभावित पटाखे
पटाखा के थोक बाजार में इन दिनों गेम ऑफ थ्रोन्स की तलवार के साथ थाॅर के हथाैड़े और बल्ले के आकार वाले पटाखे पहली बार बाजार में आए हैं। आकर्षक रोशनी फेंकने वाले ये पटाखे बच्चों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहे हैं। 200 रुपये की शुरू होकर 5000 रुपये प्रति पीस तक वैरायटी में उपलब्ध हैं। इसके अलावा बड़ा पिकॉक से जहां मोर के पंखों के रंग वाली रोशनी निकलती है तो पॉवर फ्यूल सामान्य से बड़ी पेंसिल, जो जलने पर तुलनात्मक रूप से ज्यादा देर तक रोशनी बिखेरती है। - आशीष अग्रवाल, पटाखा विक्रेता