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बसपा में उलटफेर का ये ट्रेलर भर है ...

Wed, 22 Jun 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला आगरा
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बसपा में उलटफेर का ये ट्रेलर भर है ... - फोटो : Amar Ujala
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विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बसपा ने सोमवार को पूर्व मंत्री नारायन सिंह और उनके पुत्र पूर्व एमएलसी वीरू सुमन को पार्टी से निकालकर उलटफेर का ट्रेलर ही दिखाया है। पिक्चर तो अभी बाकी है। चुनावी बिगुल बजने से पहले पार्टी के संगठन और प्रत्याशियों में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाने हैं। शहर से लेकर देहात तक के संगठन और प्रत्याशियों में भारी फेरबदल की तैयारी हो रही है। वहीं ताजनगरी में सुमन परिवार के सदस्यों को पार्टी से निकालने के बाद बसपा कार्यकर्ता हैरत में रहे। 
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मंगलवार को पूर्व मंत्री नारायन सिंह और पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार उर्फ वीरू सुमन के दिल्ली गेट स्थित घर पर उनके समर्थक पहुंचे और उनके साथ भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। जिस तरह पांचों पूर्व विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया, उससे पार्टी के प्रत्याशियों में भी खलबली मच गई है। फतेहाबाद, उत्तर, दक्षिण और बाह विधानसभा के प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हैं तो उन क्षेत्रों के दावेदारों ने भी दम ठोंकना शुरू कर दिया है। हाल में फतेहाबाद के बसपा प्रत्याशी के जमीनी विवाद में फंसने की रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई, उसी तरह उत्तर सीट पर दूसरे दावेदार जोनल कोआर्डिनेटर से लेकर लखनऊ तक सेटिंग में लगे हैं। बसपा के  ही टिकट के दावेदार दावा कर रहे हैं कि इस ट्रेलर के बाद पिक्चर देखनी बाकी है।

दिल में दर्द, दिमाग परेशान
पूर्व मंत्री नारायन सिंह और पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार उर्फ वीरू सुमन के समर्थकों का कहना है कि एमएलसी चुनाव न लड़ने का आरोप गलत है। बसपा अध्यक्ष का एमएलसी चुनाव लड़ाने का कोई आदेश ही नहीं था। अगर ऐसा होता तो बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी और पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई भी एमएलसी चुनाव नहीं लड़े। उन्हें इस आधार पर पार्टी से क्यों नहीं निकाला गया। पार्टी को खून पसीने से सींचने वाले पांचों पूर्व विधायकों को केवल एक नेता की रिपोर्ट पर निकाला गया है जो अपने सामने किसी प्रतिद्वंद्वी को नहीं टिकने देना चाहते।
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बागी छोटेलाल पर ‘बड़ी कृपा’
फतेहाबाद क्षेत्र से बसपा से विधानसभा चुनाव जीतने वाले छोटेलाल वर्मा तीन साल पहले से समाजवादी पार्टी के साथ मंच साझा कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगे और सपा की सभाओं में नजर आए। बसपा ने विधानसभा में संख्या बल के चक्कर में निकाला नहीं और छोटेलाल ने इस्तीफा दिया नहीं। भाजपा और सपा से बात न बन पाने के बाद भी बसपा के पूर्व मंत्री के कृपा पात्र छोटेलाल पर अब जोनल कोआर्डिनेटर की भी बड़ी कृपा है। कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि बसपा की खिलाफत कर रहे छोटेलाल को पार्टी से अब तक क्यों नहीं निकाला गया।

जब जोड़ने की जरूरत, तब निकालना गलत
बसपा में यूं तो शीर्ष पर बैठे पदाधिकारी हों या सांसद, विधायक, कभी भी वे पार्टी से बाहर कर दिए गए हैं, लेकिन आगरा में छह महीने में पूर्व विधायक धर्म प्रकाश भारतीय, पूर्व मंत्री नारायन सिंह, पूर्व मंत्री चौ. बशीर, पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो और वीरू सुमन को निकाला गया है। दबी जुबान से कार्यकर्ता कह रहे हैं कि चुनावी बेला में जब जोड़ने की जरूरत है, तब निकालना गलत है। 
 
हमारे निष्कासन के लिए जो आरोप लगाए गए हैं, वे सभी गलत हैं। हम जल्द ही लखनऊ में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। हमें उम्मीद है कि वे हमारी बातें सुनेंगी।
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वीरू सुमन
पूर्व एमएलसी
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