लोहामंडी क्षेत्र में शुक्रवार को फिर बुलडोजर चला। दर्जनों अवैध निर्माण ध्वस्त कर लोहामंडी-बोदला रोड को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कुछ लोगों ने निर्माण से संबंधित नक्शे दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की। मौके पर ही अधिकारियों ने नापजोख कराकर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। हालांकि कुछ लोगों को 24 घंटे की मोहलत भी दी गई है। वहीं, कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन जनसमर्थन के आगे वह भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके।
शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान के नेतृत्व में लोहामंडी, नौबस्ता से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत हुई। यहां टीम ने बोदला रोड पर नालियों को पाटकर हो रहे निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। सड़क दोनों ओर किसी ने दुकान आगे बढ़ा रखी थी तो किसी ने मकान का हिस्सा। जेसीबी मशीन से सारे अवैध कब्जे ढहा दिए गए। वहीं, जगदीशपुरा की तरफ स्थित मुख्य सड़क पर एक मार्केट का हिस्सा सड़क के दायरे में आ रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने जैसे ही बुलडोजर चालक को इस ढहाने का निर्देश तो दिया तो मार्केट का मालिक पुराने नक्शे लेकर आ गया। मौके पर मौजूद नगर निगम और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के इंजीनियरों ने नक्शे को देखा। इसके हिसाब से नापजोख की तो मार्केट का काफी हिस्सा अवैध बना हुआ था। मार्केट मालिक ने स्वयं ही अवैध निर्माण तोड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों ने मोहलत नहीं दी और अपने सामने ही ध्वस्त कराया। बाकी को गिराने के लिए उन्होंने 24 घंटे का समय दिया है। अभियान के दौरान भारी भीड़ लगी रही।
अरे! यह बोदला रोड है
जगदीशपुरा तक देर शाम तक अभियान चला। इस दौरान टीम ने सड़क किनारे बनी नालियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। अतिक्रमण हटने के बाद खुद स्थानीय लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि यह उन्हीं के क्षेत्र की सड़क है। अतिक्रमण से मुक्त होने के बाद यह काफी चौड़ी देखने लगी है।