फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा: चोरों ने बनाया बैंक को निशाना, लॉकर तोड़ने की कोशिश, चुराया ये सामान

Sun, 06 Jan 2019 11:57 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
बैंक में खिड़की तोड़कर घुसे चोर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मथुरा के कस्बा फरह स्थित सिंडिकेट बैंक में शनिवार की रात तीन बदमाश जंगला काटकर घुस गए। बदमाशों ने लॉकर तोड़ने की कोशिश की। बंद अलमारियों को खोलने के लिए भी किसी भारी चीज से वार किए गए हैं लेकिन कामयाब नहीं हुए। 

विज्ञापन


अलमारी को बैंक परिसर में एक स्थान से दूसरे स्थान को खींचा भी गया है। तोड़फोड़ भी की गई है। जब बदमाशों को कुछ नहीं मिला तो चोर सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक और तीस कारतूस वाली पेटी उठाकर ले गए। वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। 

फरह में सिंडिकेट बैंक हाईवे के किनारे ही है। रविवार की सुबह करीब छह बजे उस वक्त हल्ला मचा जब बैंक के पीछे बने जिम में पहुंचे लोगों ने बैंक का जंगला टूटा हुआ देखा। कुछ ही देर में भीड़ इकट्ठा हो गई। बैंक वाले भी पहुंच गए। 

विज्ञापन

सीसीटीवी के तार काटे

बैंक के अंदर जाकर देखा तो पूरा जंगला ही उखड़ा पड़ा था। दिन में ड्यूटी करने वाले सिक्योरिटी गार्ड रामवीर की दोनाली बंदूक और 30 कारतूस वाली पेटी गायब थी। बैंक के भीतर अलमारी को खींचा गया है। लॉकर को तोड़ने के लिए किसी भारी चीज से वार किया गया है। 

प्लास्टर भी उखड़ा पड़ा था। चोरों ने खिड़की के शीशे भी तोड़ दिए हैं। फर्नीचर भी उठाकर इधर-उधर किया गया है। इससे साफ है बदमाश इत्मिनान के साथ बैंक में घुसे हैं और तिजोरी से कैश निकालने की पूरी कोशिश की है।

बैंक में घुसते ही सीसीटीवी के तार भी काट दिए गए थे। क्योंकि बदमाश बैंक में घुसते तो दिखे हैं लेकिन लौटते नहीं नजर आए। घटना के संबंध में सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया कि जल्द खुलासा किया जाएगा। 
विज्ञापन

बीते दिनों एटीएम को ही उखाड़कर ले गए थे बदमाश 

छाता के अकबरपुर के पास से बैंक के बगल में बना एटीएम ही बदमाश उखाड़कर ले गए थे। यह घटना छह दिसंबर 2018 की रात को हुई थी। बदमाशों ने एटीएम की खाली मशीन को हरियाणा के होडल क्षेत्र में फेंक दिया था। एटीएम से दस लाख से भी ज्यादा की रकम थी।

इस घटना को भी एक महीना बीत गया लेकिन पुलिस कुछ कर नहीं पाई है। बदमाश कहां के थे अभी पुलिस को यह भी जानकारी नहीं है। अगर कोशिश होती तो वारदात का खुलासा हो जाता मगर पुलिस वाले हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वारदातों का खुलासा न होने से ही बदमाशों का हौसला बुलंद हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें