छह साल में दालों की कीमत सौ फीसदी से अधिक बढ़ी
मिड-डे मील की परिवर्तन लागत 1.44 रुपये बढ़ी
सरकार ने परिषदीय बेसिक स्कूलों के मिड-डे मील का नया मीनू जारी किया है। इसमें हफ्ते में दो दिन दाल और एक दिन दाल की बरी को शामिल किया गया है। सवाल यह है कि विद्यार्थियों की थाली में दालें पहुंचेंगी कैसे। दालों के दाम आसमान पर हैं, जबकि मिड-डे मील के परिवर्तन लागत में महज सात फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। पिछले छह वर्षों की तुलना करें तो दाल के दाम दो गुने से ज्यादा बढ़ गए हैं, प्रति छात्र मिड-डे मील की परिवर्तन लागत में 1.44 और 2.15 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है।
वर्ष 2010 में मिड-डे मील की लागत प्रति छात्र प्राथमिक विद्यालयों में 2.69 रुपये और जूनियर में 4.03 रुपये थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 1 जुलाई 2016 से क्रमश: 4.13 रुपये, जूनियर में 6.18 रुपये कर दिया है। अब तक प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्र 3.86 रुपये और जूनियर विद्यालयों में 5.64 रुपये दिए जा रहे हैं। चंद पैसों की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार ने मिड-डे मील में दालों को प्राथमिकता दी है, जबकि खाद्यान्नों की बात करें तो सर्वाधिक महंगाई दालों पर ही आई है।
स्कूलों में मिड-डे मील वितरण के नाम पर मजाक किया जा रहा है। इतने कम रुपये में खाने की गुणवत्ता कैसे बेहतर हो सकती है। संगठन लंबे समय से मांग कर रहा है कि देश की जीडीपी का छह फीसदी बजट शिक्षा पर खर्च किया जाए।
राजेंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
मिड-डे मील का नया मीनू
दिन मीनू
सोमवार रोटी, सोयाबीन/ दाल की बड़ी सब्जी युक्त, मौसमी फल
मंगलवार दाल-चावल
बुधवार तहरी और दूध
गुरुवार रोटी-दाल
शुक्रवार तहरी
शनिवार चावल, सोयाबीन युक्त सब्जी
दालों की कीमत (रुपये/किलो) में आया अंतर
दाल वर्ष 2010 अब
अरहर 70 रुपये 140 से 160 रुपये
मूंग 80 रुपये 160 रुपये
उड़द 58 रुपये 180 रुपये