जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने के बाद आगरा में इसके बनने की संभावना न के बराबर है। इसका इशारा सरकार ने जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिताएं गिनाकर कर दिया है।
जेवर में हवाई अड्डे बनाने को लेकर सरकार का दावा है कि इससे मथुरा, वृंदावन के साथ आगरा में भी पर्यटन को लाभ मिलेगा। यानी आगरा का काम जेवर हवाई अड्डे से चल जाएगा। ऐसे में यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने पर अब ज्यादा जोर नहीं दिया जाएगा।
वहीं, पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि आगरा से जेवर की दूरी लगभग 133 किमी है। ऐसी स्थिति में सरकार जल्दी इतनी कम दूरी के बीच दूसरा हवाई अड्डा बनाने पर विचार नहीं करेगी।
होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा कहते हैं कि पर्यटन हालातों के मद्देनजर आगरा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बेहद जरूरी है। इससे आगरा ही नहीं बल्कि आसपास के तमाम जिलों के लोग लाभान्वित होते। जेवर के बाद आगरा में भी जल्द एयरपोर्ट के लिए काम होना चाहिए।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रह्लाद अग्रवाल का कहना है कि जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कोई विरोध नहीं है, लेकिन आगरा का पर्यटन जगत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की मांग कर रहा है, सरकार को पहले इसे मंजूरी देनी चाहिए थी।
वहीं अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) नगेंद्र शर्मा का कहना है कि एयरपोर्ट के जमीन अधिग्रहण के लिए बजट नहीं है। इसके लिए कई बार शासन को पत्र लिखा जा चुका है। बजट के अभाव में पिछले कई महीने से जमीन अधिग्रहण का कार्य रुका हुआ है।