कासगंज। पिछले पेराई सत्र के गन्ना भुगतान में ढिलाई से इस बार रकबा प्रभावित होने की संभावनाओं को किसानों ने सिरे से खारिज करने का प्रमाण दिया है। गन्ना विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण में स्पष्ट हुआ है कि इस बार रकबा बढ़ने के साथ गन्ना किसानों की संख्या भी बढ़ गई है।
जिलेभर में गन्ने की खेती तराई क्षेत्र में अधिक होती है। इस नकदी खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। हर साल किसानों को गन्ना भुगतान के लिए परेशान होना पड़ता है। 54 करोड़ रुपये भुगतान की एवज में मिल मात्र 25 करोड़ रुपये का ही भुगतान कर सकी है। वहीं गन्ना विभाग हर साल सर्वे मैनुअल कराता था, लेकिन कोरोना के कारण इस साल ई सर्वे हुआ है। अभी संभावना जताई जा रही है कि गन्ना किसानों की संख्या और बढ़ सकती है।