आगरा। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चे का चयन हो जाने पर उसे स्कूल का आवंटन लाॅटरी माध्यम से होगा। आवंटन के बाद अगर बच्चे ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया तो वह प्रवेश के लिए दोबारा आवेदन नहीं कर पाएगा।
नगर शिक्षाधिकारी सुमित सिंह ने बताया कि आरटीई में इस बार यह व्यवस्था लागू की गई है। अभिभावक सोच-समझकर स्कूल का चयन करें। जो स्कूल आवेदन में अंकित किया है, उन स्कूलों में से ही आवंटन किया जाएगा। वार्ड क्षेत्र के स्कूल में ही प्रवेश दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में अब तक 3,623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रथम चरण के ऑनलाइन आवेदन के लिए 16 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। आरटीई के तहत 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन किया जाता है।
नगर शिक्षाधिकारी ने बताया कि इसमें प्री प्राइमरी में केजी, यूकेजी और नर्सरी और कक्षा एक में प्रवेश दिया जाता है। इसमें वर्ष में प्रति बच्चे के हिसाब से 5,400 रुपये फीस स्कूल के खाते में भेजी जाती है। इसके अलावा 5,000 रुपये अभिभावक के खाते में मुहैया कराए जाते हैं। इस प्रकार एक बच्चे पर सरकार की ओर 10,400 रुपये की धनराशि खर्च की जाती है।
सबसे ज्यादा आवेदन आगरा में प्राप्त हुए हैं। छात्रों की संख्या यू-डायस के आधार पर कम-ज्यादा होती रहती है। बच्चे के प्रवेश के समय बच्चे के आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं है। अभिभावक के आधार कार्ड पर ही प्रवेश कर दिया जाता है। बाद में बच्चे के आधार कार्ड की जरूरत होती है।
आंकड़ों पर एक नजर
अब तक कुल आवेदन- 3,623
सत्र 2025-26 में कुल आवेदन-13,759
कुल स्कूल- 1,760
कुल सीट- 16,023
कुल रिजेक्ट-2,115
कुल आवंटन- 6,671
कुल प्रवेश-5,354