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थीम पार्क बना नहीं पाए अब एम्यूजमेंट पार्क का सपना

Mon, 17 Apr 2017 12:33 AM IST
थीम पार्क बना नहीं पाए अब एम्यूजमेंट पार्क का सपना
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park - फोटो : अमर उजाला
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आगरा विकास प्राधिकरण, यूपीएसआईडीसी और फिल्म निर्माता संजय खान आगरा में सेवन वंडर सिटी थीम पार्क का निर्माण तो करा नहीं पाए, अब शहर को एम्यूजमेंट पार्क का सपना दिखाया जा रहा है। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस योजना के संबंध में पिछले दिनों लखनऊ में आवास एवं नियोजन राज्य मंत्री के समक्ष ब्योरा प्रस्तुत किया था।
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विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो ताजनगरी फेस दो में करीब 25 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन के करीब 09 एकड़ हिस्से पर तीन लोगों ने दावा कर दिया था। यह मामला हाईकोर्ट में लंबित था। पिछले दिनों दो लोगों के दावे को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अब एक व्यक्ति के दावे पर सुनवाई चल रही है। लेकिन मौके पर करीब 16 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने और नाइट कल्चर डेवलेप करने के उद्देश्य से फन पार्क बनाने की योजना तैयार की है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जिस तरह दो लोगों का दावा खारिज हुआ है उसी तरह तीसरे व्यक्ति का दावा भी खारिज हो जाएगा और कुल 25 एकड़ जमीन प्राधिकरण की होगी। विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि एम्यूजमेंट पार्क की योजना मंत्री के सक्षम रखी गई है। शासन की सहमति का इंतजार है।

ये खास होगा एम्यूजमेंट पार्क में
एडीए के मुख्य अभियंता शिवराज सिंह के मुताबिक ताज नगरी में प्रस्तावित पार्क में ओपन एयर थियेटर, फूड कोर्ट, जिम्नेजियम, कृत्रिम झील, देसी और विदेशी झूले, वाटर स्पोर्ट्स और मनोरंजन के तमाम साधन होंगे। ताजमहल के पास होने के कारण पार्क देशी और विदेशी पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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यह थी थीम पार्क की योजना
फिल्म निर्माता निर्देशक संजय खान की कंपनी की है थीम पार्क योजना। यह 1000 एकड़ में प्रस्तावित है। इस पर करीब 10,000 करोड़ रुपये की लागत संभावित है। 323 हेक्टेयर जमीन का एडीए ने अर्जन किया था। 170 हेक्टेयर जमीन का अर्जन प्रशासन ने किया। किसानों को 300 करोड़ रुपये का मुआवजा बंट चुका है। एडीए ने दो और गांवों की जमीन का किया अधिग्रहण किया है। पिछले तीन वर्ष से जमीन पड़ी है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि यूपीएसआईडीसी अब योजना को निरस्त करने की सिफारिश करने जा रही है। एडीए के अधिकारियों ने भी आवास एवं नियोजन राज्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
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