मौसम ने फिर बदली करवट: खेतों में बिछने लगी गेंहू की फसल
बाह। मौसम ने एक बार फिर पलटी मारी है। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे। शाम को बूंदाबांदी हुई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश और हवाओं से ठंड बढ़ गई। बूंदाबांदी से आलू और सरसों की पकी खड़ी फसल को नुकसान होने की संभावना किसानों ने जताई है।
जरार के जोधाराम, पुरषोत्तम सिंह, सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि बारिश हुई तो आलू की खुदाई लेट हो जाएगी। आज कल किसान आलू की खुदाई में जुटे हैं। खेतों में पानी भरने से सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। पहले हुई बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब हुई है। मंदी की वजह से किसान पहले से ही परेशान है। पुरा कनैरा के किसान अजयपाल सिंह, छोटेलाल, विजय सिंह, गिर्राज सिंह ने बताया कि सरसों की फसल पक कर तैयार हो गई है। अगैती फसल की कटाई शुरू हो गई है। ऐसे में बदले मौसम ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। बारिश से भीगी सरसों की फलियां धूप निकलने पर चटकेंगी, जिससे दाना खेत में बिखरेगा और किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। नरहौली के भूपेंद्र सिंह चौहान, हौरन सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी। हवा चली तो फसल खेत में लोटने का डर रहेगा।