आगरा। कई दिनों से तेज धूप निकलने के बाद बुधवार को माैसम में अचानक बदलाव हो गया। सुबह से बादल छाए रहे। सर्द हवा भी चलीं। दिन में कई बार बूंदाबांदी के बाद रात में एक घंटे तक जमकर बारिश हुई। इससे लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा। तापमान में 5 डिग्री गिरावट दर्ज की गई। हालांकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा।
पिछले तीन दिन से सुबह से ही धूप खिलने की वजह से तापमान बढ़ने लगा था। मगर बुधवार को एक बार फिर माैसम बदल गया। सर्द हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर दिया। रात तकरीबन 8 बजे तेज बारिश होने लगी। इससे ठंड और बढ़ गई। एक घंटे तक तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.1 दर्ज किया गया था। वहीं न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा। बृहस्पतिवार को आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि सुबह-शाम ठंड बनी रह सकती है। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आलू की खुदाई पर असर पड़ सकता है।
बारिश ने फेरा पानी, अव्यवस्थाओं के बीच फंसे शिल्पी (फोटो)
आगरा। ताज महोत्सव के आगाज पर ही कुदरत की मार और प्रशासनिक बदइंतजामी भारी पड़ गई। पहले ही दिन बारिश ने इंतजामों पर पानी फेर दिया। यूपी के रंग कार्यक्रम भी बारिश से धूल गया। अव्यवस्थाओं के बीच फंसे शिल्पी व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए। रात में तेज बारिश ने आयोजन के दावों की पोल खोलकर रख दी। 25 एकड़ के मैदान में खुले आसमान के नीचे बैठे शिल्पियों का फर्नीचर, कालीन और अन्य बेशकीमती उत्पाद बारिश की भेंट चढ़ गए। हालत यह रही कि उद्घाटन के बाद होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम यूपी के रंग की महज एक प्रस्तुति हो सकी और बाकी कार्यक्रम रद्द करने पड़े।
100 से अधिक कलाकार हुए निराश, प्रस्तुतियां रद्द
बारिश और मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद एम बंगारी ने सुरक्षा के लिहाज से मुक्ताकाशीय मंच से बाकी प्रस्तुतियों को रोकने के निर्देश दिए। इससे अपनी कला का प्रदर्शन करने आए 100 से अधिक कलाकार बिना प्रस्तुति दिए ही निराश होकर लौट गए। टाटा मैदान में महोत्सव स्थल पर कई जगह बिजली के तार खुले पड़े थे, जिससे बारिश के दौरान करंट उतरने का खतरा बना रहा। आकर्षक विद्युत सजावट भी अंधेरे में डूबी रही।
खुले में दुकानें, लाखों का माल हुआ खराब
इंतजामों की लापरवाही का सबसे ज्यादा खामियाजा कालीन और फर्नीचर शिल्पकारों को भुगतना पड़ा। खुले मैदान में स्टॉल दिए जाने से कालीन पूरी तरह भीग गए। विक्रेताओं का कहना है कि प्रशासन ने पर्याप्त कवर्ड एरिया नहीं दिया, जिससे उनका महंगा माल खराब हो गया। सहारनपुर से आए फर्नीचर कारोबारियों ने बताया कि 15x20 वर्ग फुट की जगह उनके उत्पादों के लिए बेहद कम है। जगह की कमी और बारिश के डर से लगभग 30 फर्नीचर दुकानों का सामान अब भी पैक पड़ा है। शिल्पी हाथ पर हाथ धरे खाली बैठने को मजबूर हैं।
सुरक्षित शेड की उठाई मांग
मेला मैदान में 500 से अधिक स्टॉल लगाए जाने हैं, लेकिन पहले ही दिन की अव्यवस्था ने शिल्पियों के भरोसे को तोड़ दिया है। शिल्पियों ने मांग की है कि कालीन और फर्नीचर जैसे संवेदनशील उत्पादों के लिए तत्काल वॉटरप्रूफिंग और सुरक्षित शेड की व्यवस्था की जाए। साथ ही, दुकानों के आवंटन की विसंगतियों को भी दूर किया जाए।
प्रशासन ने खुले में स्टॉल तो दे दिए, लेकिन सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा। हमारा लाखों का स्टॉक खराब हो रहा है, अब इसकी भरपाई कौन करेगा — मेहरबान अहमद, शिल्पी
बारिश होने पर ताज महोत्सव में अव्यवस्था
बारिश होने पर ताज महोत्सव में अव्यवस्था