आगरा। सपने देखने का हक सबको है, लेकिन उसे पूरा करने की राह में शारीरिक बाधा की जगह लापरवाही की दीवार खड़ी हो जाए तो यह संघर्ष अग्निपरीक्षा बन जाता है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) में शिक्षक भर्ती के आवेदक विशाल (22) के सामने कुछ यहीं मुश्किलें हैं।
अरनौटा निवासी विशाल शारीरिक रूप से 100 प्रतिशत दिव्यांग है। उसने दिव्यांग श्रेणी में केवीएस प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया था। 10 जनवरी को परीक्षा है लेकिन परीक्षा केंद्र 300 किमी. दूर कानपुर में बनाया गया है। विशाल ने बताया कि वह बिना सहायक के इतनी दूर नहीं जा सकता। उसके लिए परीक्षा केंद्र तक का सफर खतरे से खाली नहीं। शहर में परीक्षा केंद्र होने के बावजूद मेरा केंद्र 300 किमी. दूर कानपुर में दिया गया है। विशाल ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन दिव्यांगजनों के मुख्य आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। परीक्षा केंद्र को कानपुर से बदल कर आगरा करने की मांग उठाई है। शिकायत को सीसीपीडी पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है।