बाह: बाह क्षेत्र में बनाई जा रही सेंवई
बाह। ब्रज के गांवोंं में रक्षा बंधन पर शिव और जन्माष्टमी पर कृष्ण को सेंवई का भोग लगाने और प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है। परंपरा के निर्वहन को आज कल घर-घर सेवई बनाई जा रही है। खाट की पाटी पर मशीन बांध कर सेंवई बनाते समय महिलाएं सावन के गीत और मल्हार भी गुनगुनाती हैं।
रक्षाबंधन नजदीक आते ही बाह, पिनाहट, जैतपुर क्षेत्र के गांवों में सेंवई बनाने में महिलाएं जुट गई हैं। जरार की माया देवी, शिल्पी, भावना, बाह की खुशबू, ऊषा देवी, सुमन देवी, जैतपुर की नम्रता, रानी, रोशनी ने बताया कि ब्रज की इस परंपरा से नई पीढ़ी अनजान है। सेवई बनाते समय महिलाएं अपने बचपन के सावन को याद कर नई पीढ़ी में आए बदलाव को लेकर चिंतित हो उठती हैं। मोबाइल ने नई पीढ़ी से मेघ मल्हार छीन लिए हैं।