कासगंज। गर्मी के कारण सभी परेशान हैं। पशु पक्षी भी परेशान हैं। गर्मी और लू से बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने एडवाइजरी की हैं। जिसमें दुधारू व अन्य पशुओं को गर्मी व गर्म हवाओं से बचाव की सलाह दी गई है। जिससे दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर असर न हो।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विजयवीर चंद्रयाल ने कहा कि गर्मियों में पशुओं के रोग प्रतिरोधी क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर असर पड़ता है। गर्मियों में पशु के सूखा चारा खाने की मात्रा 10 से 30 और दुग्ध उत्पादन क्षमता में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। लू लगने से पशु बीमार हो सकते हैं। गर्मियों में दुधारू पशुओं व नवजात बछड़े या बछियों की विशेष देखभाल जरूरी है। पशुओं को दिन में कम से कम तीन बार पानी पिलाएं। उन्हें प्रतिदिन ठंडे पानी से नहलाएं, इससे उनके तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। पशुओं को सुबह नौ बजे के पूर्व और सायं पांच बजे के बाद ही चराना चाहिए। पशु बाड़े को ठंडा रखें। दुधारू पशुओं को गर्मी में सूखे चारे के साथ हरा चारा अवश्य दें। ज्वार, मूंग, मक्का आदि को हरे चारे के रूप में दे सकते हैं। पशुओं को पोषक तत्वों के लिए चुनी, दाना, चोकर, खली आदि को खिलाएं। पशुओं को छायादार पेड़ों के नीचे बांधे। सीधे धूप और गर्म हवाओं से बचाएं। लू लगने पर पशुओं के बीमार होने पर तुरंत उपचार कराएं।