बाह। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग और रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किए गए बिजौली के प्रदीप कुमार उर्फ गांठ की कुंडली एसटीएफ खंगाल रही है।
बिजौली निवासी प्रदीप कुमार उर्फ गांठ इंटरमीडिएट पास है। दिल्ली में डीजे की दुकान पर काम कर रहा था। वो डेढ़ महीने पहले ही गांव लौटा था। फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से बिश्नोई गैंग के शुभम लोनकर के संपर्क में आया था। एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह कम समय में अंडरवर्ल्ड में बड़ा नाम कमाना चाहता था। इसके लिए अपराधियों से जुड़ गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उसके दोस्त और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। काल डिटेल और सोशल मीडिया एकाउंट खंगाले जा रहे हैं।
100 मीटर का दायरा और खौफ में पूरा गांव
बिजौली गांव में हो रही लगातार गिरफ्तारियों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गैंग से जुड़े जितने भी युवक पकड़े गए हैं, उनके घर बिजौली गांव में महज 100 मीटर के दायरे में हैं। इससे पहले 15 फरवरी को शूटर दीपक शर्मा, रेकी करने वाले सोनू पुरवंशी, सनी जाटव और शरण देने वाले रितिक यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है। 23 मार्च को गोलू पंडित और 9 अप्रैल को 10 करोड़ की फिरौती मामले में प्रदीप शुक्ला उर्फ बाबा की गिरफ्तारी हुई थी।
प्रदीप से परिजन ने तोड़ा नाता
प्रदीप की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजन कुछ बोल नहीं रहे हैं। पिता और रिश्तेदारों का कहना है कि वह काम की तलाश में दिल्ली गया था। उसकी इन गतिविधियों की उन्हें जानकारी नहीं थी। परिजन ने उससे फिलहाल दूरी बना ली है।
दहशत में ग्रामीण, संदिग्धों पर नजर
लगातार हो रही छापेमारी और एसटीएफ की धमक से बिजौली गांव के लोग अब दहशत में हैं। गांव के बड़े-बुजुर्ग अब अपने आसपास के युवकों की हरकतों पर नजर रखने को मजबूर हैं। प्रभारी निरीक्षक बाह ने पुष्टि की है कि प्रदीप को मुंबई क्राइम ब्रांच ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है। पुलिस और एसटीएफ भी जागरुकता अभियान चलाएगी। यह देखा जाएगा कि आगरा से बाहर कौन गया है। इसके लिए थाना पुलिस रजिस्टर बनाएगी।