आगरा। आरबीएस कॉलेज प्रशासन ने बिचपुरी में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना को राजनीति से प्रेरित बताया है। मांगों को नाजायज बताते हुए इसे शैक्षणिक संस्थान के खिलाफ षड्यंत्र बताया। खंदारी स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार श्रीवास्तव ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि मृतक आश्रितों को नौकरी, 1949-50 के समझौते के अनुसार जिन किसानों से कॉलेज के लिए जमीन ली है, उनको नौकरी-शिक्षा में वरीयता और 17 अंकों की अनुकंपा की मांग बेबुनियाद है। सारी प्रक्रिया विश्वविद्यालय और शासन के नियमानुसार होती है। इसमें कॉलेज का सीधे कोई हस्तक्षेप नहीं है।
कॉलेज ने शासन से जमीन की खरीद की है और शासन सभी को नियमानुसार मुआवजा दे चुका है। धरना-प्रदर्शन पूरी तरह से राजनीतिक है। शैक्षणिक कार्य में भी व्यवधान हो रहा है। बलवंत विद्या रूरल इंस्टीट्यूट बिचपुरी की प्राचार्य प्रो. सीमा भदौरिया ने कहा कि इंस्टीट्यूट में 45 कॉलेजाें का नोडल केंद्र बना है। परीक्षा की गोपनीय सामग्री भी है। धरने में बाहरी तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे परीक्षा की शुचिता भी प्रभावित हो रही है। कुलपति को अवगत करा दिया गया है।
आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल के निदेशक प्रो. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान बीते 140 साल से संचालित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों के पास अपनी मांगों को पुष्ट करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है। वार्ता में प्रो. विवेक वीर सिंह, प्रो. एएन सिंह, प्रो. पंकज गुप्ता, प्रो. पायल गर्ग, प्रो. निशांत चौहान, प्रो. एमएस चौहान आदि मौजूद रहे।