ज्योतिषाचार्य पंडित सुभाष शास्त्री
आगरा। शादी के लिए शहनाई 15 दिसंबर से बजना बंद हो जाएंगी। 16 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। खरमास 14 जनवरी को समाप्त होगा। इस दौरान विवाह, सगाई, यज्ञ, गृह प्रवेश, मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्य नहीं होंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुभाष शास्त्री ने बताया कि ग्रहों के राजा सूर्य 16 दिसंबर को वृश्चिक राशि से निकलकर धनुराशि में गोचर करेंगे। इसे धनु संक्रांति भी कहा जाता है क्योंकि सूर्य धनु राशि के लग्न भाव में गोचर करेंगे और करीब एक महीने तक रहेंगे। खरमास के दिनों में सूर्य देव धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं, इसके साथ बृहस्पति ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है। बृहस्पति यानि गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है। विवाह आदि के लिए शुक्र और गुरु दोनों का उदय होना जरूरी है। अगर दोनों में से एक भी अस्त रहेगा तो शुभ व मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है।
खरमास में करें ये काम
खरमास में सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना चाहिए।
तीर्थों में स्नान, दीपदान और जरूरतमंदों को दान करना शुभ होता है।
खर मास में पूजा, व्रत कथा आदि करने में कोई दोष नहीं होता।
जरूरी होने पर उपनयन, नामकरण, रत्न धारण और कर्णवेध संस्कार हो सकते हैं