आगरा। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान ने पेंशनरों की समस्याओं के संबंध में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति और राज्यपाल को अलग-अलग ज्ञापन भेजे। ज्ञापन में वैलिडेशन अधिनियम 2025 को रद्द करने और पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ कैशलेस इलाज की मांग की गई है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को भी प्रतियां भेजी गई हैं।
शाखा के संयोजक वीर सिंह ने कहा कि पेंशन कर्मचारी के सेवाकाल का अर्जित अधिकार है। उन्होंने बताया कि संगठन ने शासन स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर अपना पक्ष रखने का अवसर भी मांगा है।
ये हैं मुख्य मांगें
-पेंशन की कम्यूटेशन (समर्पण) कटौती अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष किया जाए।
-सभी पेंशनरों को क्यूआर कोड युक्त डिजिटल परिचय-पत्र जारी किए जाएं।
- विधवा बहुओं को पारिवारिक पेंशन के लिए आश्रितों की श्रेणी में शामिल किया जाए जिससे उनका जीवन-निर्वाह सुनिश्चित हो सके।
- सभी आयु के पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा योजना में सम्मिलित किया जाए और चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का निस्तारण अधिकतम 30 दिन में हो।
- जीवन प्रमाण-पत्र के लिए एसएमएस व्यवस्था लागू हो और दस्तावेजों की बार-बार मांग समाप्त की जाए।