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रोडवेज बस स्टैंड से ही हो रही डग्गामारी

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ईशन नदी पुल पर खडी डग्मामार बसें - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। रोडवेज बस स्टैंड के सामने से डग्गामार वाहन संचालक बसों में जबरन सवारियां बिठा रहे हैं। जिसे लेकर रोडवेज कर्मियों का संचालकों सहित डग्गामार वाहनों के चालकों और परिचालकों से विवाद भी होता है। यातायात माह में पुलिस और परिवहन विभाग डग्गामारी पर अंकुश नहीं लगा सका है।
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यातायात माह में डग्गामारी रोकने के लिए अभियान चलाया गया। जिसके बाद भी डग्गामारी पर अंकुश नहीं लग सका है। डग्गामार वाहनों के चालक और परिचालक अब रोडवेज बस स्टैंड के सामने से ही बसों में ही जबरन सवरियां बैठा रहे हैं। रोडवेजकर्मी जब विरोध करते हैं तो उनका विवाद होता है।
गाली गलौज से बढ़कर स्थिति मारपीट तक पहुंच जाती है। सोमवार को एक डग्गामार बस चालक रोडवेज बस स्टैंड के सामने पहुंचा। आगरा जाने के लिए उसने बस में जबरन सवारियां बैठाना शुरू कर दिया। रोडवेजकर्मियों ने जब विरोध किया तो उनके बीच जमकर विवाद हुआ। लगभग 15 मिनट तक रोडवेज बस स्टैंड के सामने से सवारियां बिठाने के बाद ही चालक बस लेकर गया।
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ईशन नदी पुल के पास डग्गामार वाहनों का जमावड़ा रहता है। आगरा, मथुरा, इटावा के लिए डग्गामार बसों के चालक बसों में सवारियां बिठाते हैं। ईशन नदी पुल के पास मौजूद रहने वाले पुलिस और ट्रेफिक कर्मी सब कुछ देखते हुए भी चुप बने रहते हैं।
डग्गामार वाहनों के संचालन से रोडवेज को राजस्व की हानि भी हो रही है। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि डग्गामार वाहनों में सवारियों को बैठाए जाने से विभाग को नुकसान हो रहा है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाना चाहिए।
रोडवेज बस स्टैंड के सामने से डग्गामार वाहन संचालकों द्वारा बसों में जबरन सवारियां बिठाए जाने के संबंध में पूर्व में कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे गए हैं। एक बार फिर पत्र लिखकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। डग्गामारी से रोडवेज को राजस्व की हानि होती है।
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पीके श्रीवास्तव, एआरएम मैनपुरी
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