जोन कोआर्डिनेटर सुनील चित्तौड़ का कद घटाने के बाद उनके विरोधियों की होगी वापसी
हवा का रुख बदलने के बाद बसपा में भी बदलाव दिख रहा है। नेता प्रतिपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य और महासचिव आरके चौधरी के बसपा छोड़ने के बाद डैमेज कंट्रोल के लिए बसपा को सींचने वाले उन नेताओं को दोबारा पार्टी में बुलाया जा रहा है, जिन्हें हाल के महीनों में पार्टी से निकाला गया था। आगरा से निकाले गए पांच पूर्व विधायकों की वापसी भी इसी महीने हो सकती है। बामसेफ और पार्टी अध्यक्ष के जासूसों की खुफिया रिपोर्ट के बाद ही जोन कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ का कद घटाया गया और अब पूर्व विधायकों की वापसी की तैयारी है।
बसपा ने आगरा में पूर्व विधायक धर्म प्रकाश भारतीय, नारायन सिंह सुमन, वीरू सुमन, चौ. बशीर और जुल्फिकार अहमद भुट्टो को हाल में ही पार्टी से निकाला है। इन्हें पार्टी से निकालने के पीछे संगठन के एक नेता का हाथ माना जा रहा था। कार्यकर्ताओं की नाराजगी और हवा का रुख भांपने के बाद पार्टी अध्यक्ष बसपा से निकाले गए नेताओं को फिर अपने साथ जोड़ने की रणनीति बना चुकी है। माना जा रहा है कि जुलाई में ही इनकी वापसी हो सकती है।
संगठन के माहिरों की राज्यों से वापसी
आगरा। अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए बसपा हवा का रुख फिर अपने पक्ष में करने के लिए अपने उन धुरंधर नेताओं को उत्तर प्रदेश में बुलाने की योजना बना रही है, जिन्हें दूसरे राज्यों में संगठन के लिए भेजा गया था। इनमें से अधिकांश वह नेता हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी का संगठन खड़ा किया था। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के प्रभारियों को उत्तर प्रदेश चुनाव तक वापस बुलाने और उन्हें जोन की जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर चर्चा चल रही है। इस पर भी 10 जुलाई को होने वाली मीटिंग में फैसला होना है।