आगरा। अपहरण और दुष्कर्म के मामले में चिकित्सक की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने ठोस साक्ष्य के अभाव में थाना फतेहपुर क्षेत्र के गांव जाजोली निवासी आरोपी नितिन और अपहरण में सहयोग करने के आरोपी आकाश उर्फ आसिफ को बरी करने के आदेश दिए हैं।
थाना फतेहपुर सीकरी मे दर्ज केस के अनुसार किशोरी के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग पुत्री 30 सितंबर 2020 की शाम 5 बजे खेत पर शौच करने गई। दो घंटे तक लौटी नहीं तो तलाश शुरू की। वह एक धर्मशाला मे बेहोश मिली। आरोपी नितिन पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान मे आरोपी नितिन सहित आकाश उर्फ आसिफ, मनीष और हरवीर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी नितिन और आकाश उर्फ आसिफ के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में पीड़िता का मेडिकल करने वाली डॉक्टर सुनीता सागर ने अपनी जांच रिपोर्ट मे पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की। गवाहों के बयानों में भी गंभीर विरोधाभास दिखा।