चलते-चलते मार्च का महीना आखिर अन्नदाता को कंगाल बना गया। गेहूं, आलू और सरसों की बची हुुई फसल भी रविवार की बारिश से खराब हो गईं। रविवार सुबह से मौसम के मिजाज बदल गए। काले घने बादल शाम को पांच बजे के बाद बरसे। गरज-चमक और तेज हवाओं के बीच हुई बारिश फसलों पर बिजली बनकर गिरी। आलू की खोदाई तो इससे फिर रुक गई, जबकि गेहूं और सरसों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
रविवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री पर तो न्यूनतम 18.7 डिग्री पर रहा। दिन में 32 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक, अगले दो दिनों में तेज हवाओं के बीच बादलों की लुकाछिपी जारी रहेगी। सोमवार को भी बारिश के आसार हैं, जबकि तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है।
सामान्य से 12 गुना ज्यादा बारिश
आगरा। मानसून की तरह मार्च का महीना आगाज से लेकर अंत तक बारिश के नाम रहा। मार्च पहले सप्ताह में कई बार तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। अब आखिरी बचे दिनों में भी बारिश हो रही है। पूरे महीने 79 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 12 गुना ज्यादा है। किसानों के लिए यह महीना बर्बादी लेकर आया।