सोरों में हरि की पौड़ी घाट पर श्राद्घ पूजा करते लोग
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सोरों (कासगंज)। पितृृृपक्ष में अपने दिवंगत प्रियजनों का जल तर्पण व श्राद्ध करने के लिए हरि की पैड़ी के तट पर सातवें दिन भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। राजस्थान, एमपी, गुुजरात, महाराष्ट के अलावा यूपी से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुु वराह घाट पर अपने पितरों को जलदान करने पहुुंचे। तीर्थपुरोहितों से श्राद्ध पूजा कराने के बाद श्रद्धालुुओं ने ब्राह्मणों को विधिविधानपूर्वक भोजन कराया। वस्त्र और दक्षिणा प्रदान की पितृपक्ष में पितरों की आत्मशांति व उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जलदान करने के बाद ब्राहमणों को भोजन कराने की परंपरा है। रविवार को तमाम श्रद्धालु हरि की पौड़ी घाट पर पहुंचे और तर्पण कर देव दर्शन भी किए।
श्राद्धपक्ष में विशेष रूप से उड़द की दाल से बने व्यंजन का महत्व है। तीर्थनगरी में वर्तमान में उड़द की दाल से बनी इमरती की बिक्री अधिक हो रही हैं। मिष्ठान विक्रेता वनस्पति घी से बनी इमरती 150 रुपये प्रतिकिलो व शुद्ध घी से बनी इमरती 220- 250 रुपये प्रति किलो बिक रही है। पितृपक्ष में इमरती की अधिक मांग को देखते हुए हलवाइयों की अस्थाई दुकानें खुल गई हैं।
शहर से लेकर गांव तक घर-घर पितरों को मोक्ष की कामना की जा रही है। ब्राह्मण और मान पक्ष को भोजन और दान दक्षिणा देकर संतानें अपने पितरों को याद कर रही हैं। गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन का ग्रास देकर पितरों की आत्मशांति की कामना की जा रही है।