दूसरे दिन भी लेदर सुखाते काजीपाड़ा के व्यापारी
आगरा। शहर में 80 से ज्यादा प्रमुख सड़कों, चौराहों और कॉलोनियों में हुए जलभराव के लिए नाला सफाई अभियान में लगे अधिकारियों पर कार्रवाई की जगह पानी की लाइनों और पुरानी डाट को जिम्मेदार माना गया है। नगर आयुक्त ने मंगलवार को पूरे शहर में हुए जलभराव के बाद बुधवार दोपहर में निरीक्षण किया। उन्होंने काजीपाड़ा नाले की पुलिया से निकल रही पानी की लाइन को शिफ्ट करने और मंटोला नाले में बनी पुरानी डाट को तोड़ने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने इन दोनों के कारण पानी का प्रवाह रुकने और बैक फ्लो होने की बात कही थी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने नाला काजीपाड़ा पुलिया के नीचे पानी की लाइन हटाने को कहा। यह पुलिया नए सिरे से ऊंची बनाने के निर्देश दिए। आगरा किला के सामने अमर सिंह गेट पर मंटोला नाले में पक्की डाट बनी है, जिससे सफाई कार्य प्रभावित होने की जानकारी सेनेटरी इंस्पेक्टर ने दी। नगर आयुक्त ने इसे तोड़कर सफाई कराने को कहा। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अनुमति लेने के निर्देश दिए। पार्षद रवि माथुर ने उन्हें कच्चा नाला दिखाया, जिस पर अमर सिंह गेट से झलकारी बाई चौक के नाले के हिस्से को पक्का करने का निर्णय लिया गया।
ताज पश्चिमी गेट नाले पर बनेंगे कई मैनहोल
नगर आयुक्त को निरीक्षण में पश्चिमी गेट स्थित भूमिगत नाला दिखाया गया, जिस पर उन्होंने एडीए के साथ समन्वय कर नाले पर अतिरिक्त चैनल और मैनहोल बनाने को कहा। यहां निगम इंजीनियर ने बताया कि नाला 90 प्रतिशत ढका हुआ है और केवल दो मैनहोल है। इससे सफाई नहीं हो पाती। उन्होंने इसके बाद सोहल्ला में जलभराव का निरीक्षण किया। यहां पार्षद राकेश कनौजिया ने बताया कि नाला न होने से पास के तालाब में पानी जाता है। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग को नया नाला बनाकर पास से गुजरने वाले नाले में मिलाने के लिए निर्देश दिया।