अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनने से पहले परिवार सहित ताज देखने आए थे। तब यमुना के हालात और पूर्वी गेट नाले से उठती बदबू पर चिंता जाहिर की थी। सीएम बनने के बाद पहली बार शमसाबाद कसबे के लिए 400 करोड़ रुपये योजनाओं का एलान किया। राजपुर से लेकर कसबे तक फोर लेन सड़क, सीवर, पेयजल, बस स्टैंड सहित कई विकास कार्य शामिल थे। सरकार बने तीन वर्ष हो गए, काम अब भी अधूरे हैं। सीएम लगातार आगरा आए, योजनाओं का पिटारा खुलता रहा। बड़ी-बड़ी घोषणाएं हुईं, धन भी रिलीज होता रहा, लेकिन शहर की सूरत नहीं बदली। न शुद्ध पेयजल मिला, न सफाई और न ही सड़कें गड्ढा मुक्त हो पाईं। हालात इससे बदतर और क्या होंगे कि ताज के पूर्वी गेट का नाला आज तक पूरा नहीं हो सका है। लोहिया गांवों में भी अभी तक विकास कार्य पूर्ण नहीं है। सत्ता पक्ष गुमान में है और विपक्ष कपड़े फाड़ने में जुटा है।
योजना जिन पर काम शुरू हुआ
- आगरा में मेट्रो ट्रेन के लिए प्रस्तावित रूट प्लान कॉरीडोर तैयार हुआ
- ग्वालियर हाईवे से कानपुर हाईवे को जोड़ना वाला इनर रिंग रोड
- करीब 170 करोड़ रुपये का ताजगंज क्षेत्र के विकास का प्रोजेक्ट
- लगभग 400 करोड़ रुपये से शमसाबाद कसबे की विकास योजना
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का निर्माण लखनऊ एंड से शुरू हुआ
- ताजनगरी फेस दो में विकास प्राधिकरण का निर्माणाधीन जोनल पार्क
- जेपी होटल से ताजमहल तक पर्यटकों को लिए साइकिल ट्रैक योजना
योजनाएं जो कागजों में
- शहर को पेयजल सप्लाई के लिए ताज बैराज का निर्माण
- करीब 10 हजार रुपये की लागत का थीम पार्क प्रोजेक्ट
- शास्त्रीपुरम में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण की योजना
- अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण पर अभी तक फैसला नहीं
- इंटरनेशनल स्टेडियम को लेकर अभी दौड़ रहे कागजी घोड़े
- बटेश्वर, बाह, चंबल सफारी के विकास पर चल रहा काम
योजना जिन पर अब तक कुछ नहीं
- यमुना की दशा सुधारने को अब तक कुछ नहीं हुआ, न कोई सरकारी प्रयास
- ताज कॉरीडोर स्थल पर पौधारोपण के नाम पर अब तक कुछ नहीं किया गया
- शहर की अंदरूनी यातायात व्यवस्था का सुधार नहीं, जाम से जूझ रहे शहरी
- शहर के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से घोषणा नहीं
नहीं बदले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता
आगरा। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी। युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उम्मीद थी कि प्रदेश की दशा बदलेगी। साथ ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में बदलाव दिखेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुई। पार्टी के कार्यकर्ताओं की दबंगई की घटनाएं आए दिन सुनने को मिलती हैं तो संगठन में भी सिरफुटव्वल की स्थिति है। हाल में आगरा महानगर संगठन की रार सबके सामने आ चुकी है। आरोपों के चलते कई पदाधिकारियों को पद त्यागने पड़े हैं।
मुख्यमंत्री का आगरा से विशेष प्रेम है। इतनी योजनाएं किसी शहर को नहीं मिली हैं। तमाम योजनाएं पाइप लाइन में हैं। 2016-2017 में असर नजर आएगा।
- वाजिद निसार, पूर्व महानगर अध्यक्ष
सरकार के 90 प्रतिशत वायदे पूरे हो चुके हैं। आगरा में सबसे तेजी से विकास हो रहा है। अरबों रुपये मिले हैं। मेट्रो फाइनल होने को है। वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने की कोशिश है।
फर्रुख सियर, शहर अध्यक्ष
सपा सरकार में आर्थिक रूप से प्रदेश पिछड़ा है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। रही आगरा की बात तो शहर की जनता को अभी तक कुछ नहीं मिला है।
योगेंद्र उपाध्याय, विधायक भाजपा
आगरा को ख्याली पुलाव परोसा है। धरातल पर कुछ नजर नहीं आ रहा है। आगरा को लूट, खसोट, गुंडागर्दी मिली है। विकास और कानून व्यवस्था दोनों में सरकार फेल है।
गामा दुबे, महानगर अध्यक्ष भाजपा
प्रदेश सरकार ने विकास नहीं विकार पैदा कर दिया है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। महिलाएं असुरक्षित हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। सरकार भू माफियाओं को संरक्षण दे रही है।
उपेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस