शहर के रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट लगाए पहुंचे लोगों को पेट्रोल
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शासन ने नो हेलमेट, नो पेट्रोल की व्यवस्था शुरू की। 26 जनवरी से जिले में यह व्यवस्था लागू हुई। मगर, 15 दिन में ही जिम्मेदारों ने खुद इसकी हवा निकाल दी। जिले में अब किसी भी पेट्रोल पंप पर इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। प्रशासनिक लापरवाही भी इसका बड़ा कारण है। जिम्मेदार अधिकारी कहीं चेकिंग ही नहीं कर रहे हैं।
पंप संचालकों भी नियमों की अनदेखी कर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन लेकर पहुंचे ग्राहकों को पेट्रोल दे रहे हैं। इधर, सरकारी कार्यालयों में हेलमेट न लगाकर पहुंचने वालों से कोई रोकटोक नहीं हो रही है। आलम यह है कि सीएम के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। न तो परिवहन विभाग और न ही पूर्ति विभाग पेट्रोल पंपों पर सख्ती कर इस आदेश का पालन कराने पहुंच रहा।
यातायात के नियमों का पालन हर हाल में सभी को करना है। आदेश का पालन न करने वालों पर कार्रवाई होगी। पेट्रोल पंपों पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।
- शिवम यादव, एआरटीओ
30 दिन में 50 सड़क दुर्घटनाएं
जनवरी माह के 30 दिन में 50 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में 31 लोगों ने अपनी जान गंवाई। वहीं, 19 लोग घायल हुए। जान गंवाने वालों में 70 फीसदी दोपहिया वाहन चालक रहे। मृत्यु के पीछे सबसे बड़ा कारण हेलमेट न लगाना सामने आया। इसके बाद भी लोग खुद से जागरूक नहीं हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी जनता की लापरवाही के प्रति कड़ाई नहीं बरत रहे हैं।