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पुराने नोट नहीं बदल पाया  तो लगा ली फांसी, बचा

Wed, 16 Nov 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी का असर
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पिनाहट के गांव नगला दलेल में बैंक में तीन दिन बाद भी पुराने नोट नहीं बदल पाने से परेशान किसान ने बुधवार अपराह्न घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिवारीजनों ने उसे साड़ी से उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी दशा गंभीर बनी हुई है। परिवारीजनों ने बताया कि खेत में गेहूं की फसल की बुवाई चल रही है। ऐसे मेें खाद की आवश्यकता है मगर, रुपये न होने के कारण खाद का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
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गांव नगला दलेल निवासी मनोज (32) पके पास 12 बीघा खेत है। परिवारीजनों ने बताया कि कई बीघा में गेहूं की फसल के लिए बुवाई चल रही है, जिसके चलते खाद की जरूरत है। 500 और 1000 के नोट न चल पाने से खाद नहीं मिल पा रही है। मनोज तीन दिन से केनरा बैंक के चक्कर काट रहा था। दो दिन लाइन में लगने के बावजूद रुपये नहीं बदल सका। इसके चलते वह परेशान था। बुधवार को वह तड़के तकरीबन चार बजे ही बैंक पहुंच गया। दस घंटे लाइन में भी लगा, बावजूद उसे रुपये नहीं मिल सके। बताया गया है कि बैंक में कैश नहीं था। इस कारण पूरे दिन बैंक का गेट नहीं खोला गया। मनोज अपराह्न तीन बजे वापस लौटा और अपने कमरे में चला गया। उसने साड़ी से पंखे पर फांसी का फंदा बनाया और आत्महत्या का प्रयास किया। इसी बीच परिवारीजन कमरे में आ गए और उन्होंने आनन-फानन में मनोज को नीचे उतार लिया। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मनोज की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस को घटना की जानकारी नहीं हो सकी है। 


कैसे चलाएं खर्चा 
परिवारीजनों ने बताया कि बैंक में लंबी लाइन होने की वजह से वह रुपये जमा भी नहीं कर सका है। इस कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जो रकम है, वह बाजार में चल नहीं पा रही है। घर की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।
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आत्महत्या की धमकी पर दिलवाया राशन
बाह। नोट नहीं बदले जाने और राशन न मिलने से परेशान बाह के अशोक नगर के संजू (40) पुत्र मुन्नालाल ने आत्महत्या की धमकी दी। आसपास के लोगों ने आपूर्ति विभाग को जानकारी दी। तब विभाग की टीम पहुंची और कोटेदार विजेंद्र सिंह के यहां से राशन दिलवाया। संजू ने बताया कि काम मिल नहीं रहा है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण कैसे हो।
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