घायल हाथियों को रेस्क्यू सेंटर तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। उनके लिए अब एंबुलेंस बनकर तैयार हो चुकी है। आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से युक्त इस एंबुलेंस में न सिर्फ प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी, बल्कि उपचार से पहले चलती एंबुलेंस में उन्हें नहलाने का भी बंदोबस्त होगा। दावा है कि देश की यह पहली एलिफेंट एंबुलेंस है।
वन्य जीवों का संरक्षण करने वाली संस्था वाइल्ड लाइफ एसओएस की मांग पर नुनिहाई स्थित सुमेर संस ऑटोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने इस एंबुलेंस को तैयार किया है। एंबुलेंस में ड्राइवर के केबिन के अलावा पशु चिकित्सकों के लिए आधुनिक एसी केबिन हैं। इसमें घायल या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हाथियों के प्राथमिक उपचार की दवाओं का भी स्टॉक रहेगा। चूंकि यह एंबुलेंस देश के दूर-दराज क्षेत्रों से हाथियों को मथुरा और आगरा स्थित रेस्क्यू सेंटर तक लेकर आएगी, ऐसे में स्टाफ के आराम के लिए स्लीपर की भी व्यवस्था है। वहीं, दूसरी ओर पीड़ित हाथी का उपचार शुरू करने से पहले उसे नहलाने के लिए हाईटेक शॉवर भी है। एंबुलेंस में चार सौ लीटर का पानी का टैंक है, जोकि मशीन के माध्यम से पानी को प्रेशर के साथ फेंकेगा। हाथियों को चढ़ाने के लिए हाईड्रोलिक लिफ्ट भी है। बता दें कि पिछले दिनों त्रिपति और मुंबई से हाथी लाए गए थे, इन्हें लाने में संस्था को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
वर्जन
चूंकि यह देश की पहली एलिफेंट एंबुलेंस हैं, इसलिए इसके डिजाइन को लेकर काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
- संजीव जैन, एमडी, सुमेर संस ऑटोटेक प्रा. लि.
इसमें शक नहीं कि यह देश की पहली एलिफेंट एंबुलेंस है। इसके होने से हाथियों को रेस्क्यू सेंटर तक लाने में काफी सहूलियत होगी।
- बैजू राज, डायरेक्टर (कंजरवेशन प्रोजेक्ट), वाइल्ड लाइफ एसओएस