मैनपुरी। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिले के 33 विद्यालयों के मर्जर की प्रक्रिया का समाप्त कर दिया गया है। विभागीय जांच के बाद बीएसए ने पूर्व में मर्जर किए गए 33 स्कूलों के मर्जर के आदेश को रद्द करते हुए यहां फिर से कक्षा संचालन का आदेश दिया है। लेकिन विभाग के सामने यहां से जाने वाले बच्चों का वापस पंजीकरण कराने की चुनौती होगी।
जिले के 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के ही दूसरे स्कूलों में एकीकृत (मर्जर) कराने की प्रक्रिया चल रही है। पूर्व में जिले में 241 स्कूलों को पास के स्कूलों में मर्जर किया गया था। मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद शासन ने बीएसए को एक किलोमीटर से अधिक दूरी वाले स्कूलों का मर्जर समाप्त करने के निर्देश दिए थे। सीडीओ नेहा बंधु के निर्देशन में बीएसए ने संबंधित स्कूलों की पुर्न जांच कराई तो 33 स्कूल ऐसे निकले जिनके स्कूल की दूरी एक किलोमीटर से कम थी। सीडीओ के निर्देश पर बीएसए ने संबंधित स्कूलों के मर्जर की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है।
जिन 33 स्कूलों को विलय निरस्त हुआ है उनके 20 प्रतिशत बच्चे दूसरे स्कूलों में प्रवेश ले चुके हैं। अब विभाग के सामने उन बच्चों को वापस लाने की चुनौती होगी। बीएसए दीपिका गुप्ता ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैंं कि वे अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल में लाने का कार्य करें। यदि किसी प्रकार की दिक्कत है तो खंड शिक्षाधिकारी और जन प्रतिनिधियों का सहयोग लें।