- कृषि योग्य भूमि की दरों में 10 से 25 फीसदी तक का इजाफा
- राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे की भूमि होगी 25 फीसदी तक मंहगी
- शहर की लाइफ लाइन एमजी रोड पर भी दरों में 25 प्रतिशत वृद्धि
- घनी आबादी के इलाकों में पांच से दस फीसदी की गई है वृद्धि
- सर्किल रेट के संबंध में प्रशासन को मिली थी करीब 47 आपत्तियां
शहर से देहात तक जमीन के रेट बढ़ने जा रहे हैं। प्रशासन ने नए सर्किल रेट तैयार कर लिए हैं। पुराने रेट में पांच से लेकर पच्चीस फीसदी तक की वृद्धि की गई है। नए रेट के प्रस्ताव पर 47 आपत्तियां मिली थी। इनमें से भी ज्यादातर का निस्तारण कर लिया गया है। एक सितंबर से नई दरें लागू की जा सकती हैं।
एआईजी स्टांप वीके पांडे ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक प्रतिवर्ष सर्किल रेट रिवाइज किए जाते हैं। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी हो रही है। चूंकि शहरी क्षेत्र में पांच माह पूर्व सर्किल रेट बढ़े थे। लिहाजा इस बार शहरी क्षेत्र को राहत देते हुए ग्रामीण अंचल में फोकस किया गया है। कृषि भूमि की दरों में 10 से 25 फीसदी तक बढ़ोत्तरी की गई है। शहरी क्षेत्र में कुछ विशेष स्थलों को छोड़कर शेष मुख्य मार्गों के आसपास आबादी क्षेत्र में महज पांच से दस फीसदी तक सर्किल रेट का इजाफा किया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सर्किल रेट में 25 फीसदी तक बढ़ोत्तरी की जा रही है। इस संबंध में आम जनता से आपत्तियां मांगी गई थी। 47 आपत्तियां आई थी। अधिकांश का निराकरण कर दिया गया है। जिलाधिकारी भी समीक्षा कर चुके हैं। अब सोमवार की मीटिंग में सर्किल रेट के मसौदे पर डीएम के हस्ताक्षर होने के बाद एक सितंबर नई दरें जिले में लागू कर दी जाएंगी।
कहां कितनी होगी सर्किल रेट
स्थान वर्तमान दर प्रस्तावित दर (प्रति वर्ग मीटर)
पालीवाल पार्क से सुल्तानगंज की पुलिया 48,000 52,000
भगवान टाकीज से वाटर वर्क्स 80,000 84,000
हरीपर्वत से आरबीएस कालेज 69,000 73,000
दयालबाग से यमुना किनारा रोड 62,000 65,000
साईं की तकिया से नामनेर 45,000 75,000
बाग फरजाना 76,000 83,000
भगवान टाकीज से दयालबाग 48,000 42,000
खंदारी से होम साइंस 75,000 82,000
आरबीएस से दीवानी चौराह 69,000 75,000
सूर सदन से पालीवाल पार्क 76,000 83,000
सुभाष पार्क से पचकुइंया 32,000 35,000
कमला नगर क्षेत्र 69,000 75,000
यूपीएसआईडीसी 75 फुट रोड 14,000 15,500
भगवान टाकीज से एमजी रोड 1,02,000 1,15,000
पिछली बैठक में जिलाधिकारी ने कुछ निर्देश दिए थे जिनमें मुख्य रूप से मलिन बस्तियों में दरें अधिक न बढ़ाने को गया था। अब अंतिम रेट लिस्ट तैयार है। सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी। सब कुछ ठीक रहा तो समीक्षा के बाद डीएम नई दरों का एलान कर देंगे और एक सितंबर से जिले में नया सर्किल रेट लागू हो जाएगा।
राजकुमार एडीएम वित्त एवं राजस्व
महंगी हो जाएगी रजिस्ट्री
अगर कोई कमला नगर में 100 वर्ग गज का प्लॉट खरीदता है, तो मौजूदा सर्किल रेट 69000 से कीमत होती है 69 लाख रुपये। आठ प्रतिशत की दर से स्टांप ड्यूटी होगी 552000 रुपये। लेकिन नए सर्किल रेट पर रजिस्ट्री होगी 75 लाख की। स्टांप लगेंगे 600000 रुपये के। अंतर आएगा 48 हजार रुपये का।
काला धन कम चलेगा
सर्किल रेट से महंगी मिलने वाली जमीन में ज्यादातर लोग रजिस्ट्री सर्किल रेट के हिसाब ही कराते हैं। बाकी रकम अलग से देते हैं। इसका रजिस्ट्री में उल्लेख नहीं होता। यह काला धन है। सर्किल रेट ज्यादा होने से रजिस्ट्री भी ज्यादा रकम की होगी। काला धन कम चलेगा।
किसान को होगा लाभ
जो किसान जमीन खरीदेंगे, उन्हें महंगी मिलेगी। लेकिन अगर किसानों की जमीन अधिगृहण में जाती है, तो नई दरों से मुआवजा मिलेगा। इसका उन्हें फायदा होगा।
व्यापार को होगा नुकसान
सिटी रेडिको को अध्यक्ष केसी जैन का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ने से रीयल एस्टेट कारोबार और नुकसान होगा। पहले से मंदी की मार झेल रहा रीयल एस्टेट कारोबार इनकम टैक्स और सर्किल रेट की दोहरी मार नहीं सह पाएगा। जमीनों की खरीद फरोख्त नहीं होगी तो सरकार को भी राजस्व नहीं मिलने वाला।