तेज धूप और गर्मी से डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एसएन मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त, पेट में दर्द के मरीज 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसमें हालत खराब मिलने पर मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।
मेडिसिन विभाग के डॉक्टर आरके वर्मा ने बताया कि बीते सप्ताह से पारा तेजी से बढ़ा है। ओपीडी में 663 मरीज आए। इसमें गर्मी और धूप में कार्य करने वाले लोगों की हालत खराब मिली। बुखार के साथ उल्टी-दस्त हो रहे हैं। शादी समारोह में ओवर ईटिंग से फूड पॉइजनिंग के भी मरीज आ रहे हैं। इससे अपच, पेट फूलना, अल्सर की भी दिक्कत मिली। 15 फीसदी मरीजों का बीपी और रक्तचाप भी गड़बड़ाया हुआ मिल रहा है। हालत खराब होने पर 8-10 मरीजों को भर्ती भी करना पड़ा।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि गर्मी बढ़ने से बच्चे ठेल-ढकेल पर बन रहे दूषित खानपान से डायरिया मिल रहा है। ओपीडी में आए 118 बच्चों में से 30 फीसदी बच्चों में तेज बुखार के साथ उल्टी-दस्त और पेट में दर्द की परेशानी मिली है। इससे पीड़ित 12 मरीज इमरजेंसी में भी भर्ती हुए। बच्चों को दवा देने के साथ अभिभावकों से बच्चों को बाहर की सामग्री खाने-पीने से बचाने की भी सलाह दे रहे हैं।
ठसाठस भरा हॉल, पर्चे को मारामारी
एसएन की ओपीडी का हॉल मरीजों से ठसाठस हो गया। पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को मारामारी झेलनी पड़ी। घंटों लाइन में लगने के बाद पर्चा बन पाया। डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए भी लंबी लाइन से गुजरना पड़ा। दवा-पर्चा के लिए मारामारी, धक्कामुक्की से मरीज परेशान हो गए।
इन बातों का रखें ध्यान :
- घर से बाहर जाते वक्त पानी पीकर और नाश्ता करके जाएं।
- सिर को धूप से बचाएं, तेज धूप में देर तक कार्य से बचें।
- बच्चों को खुले और गंदगी में बनने वाली सामग्री खिलाने-पिलाने से बचें।
- दस्त होने पर ओआरएस पिलाएं, राहत न मिलने पर चिकित्सक को दिखाएं।