आगरा। धोखाधड़ी, जबरन वसूली व अन्य आरोपों के मामले में 2 लाख रुपये नहीं मिलने पर पीड़ित ने थाना न्यू आगरा में तैनात दरोगा अनिरूद्ध कुमार एफआर लगाने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। सीजेएम शारिब अली ने थाना न्यू आगरा और एसीपी से आख्या तलब करने के आदेश दे दिए। मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी।
खंदारी थाना क्षेत्र के ओल्ड सिद्धार्थ अपार्टमेंट निवासी दीपेश बोहरा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से थाना न्यू आगरा में तैनात दरोगा अनिरुद्ध कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। आरोप लगाया था कि उनकी मां सुमन बोहरा के साथ धोखाधड़ी हुई थी। उनकी तहरीर पर थाना न्यू आगरा में सदर थाना क्षेत्र के मधुनगर निवासी सत्यप्रकाश कोठारी और कृष्णकांत कोठारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। पता चलने पर आरोपी उनकी मां पर प्राथमिकी वापस लेने का दवाब बनाने लगे। वह डर से घर छोड़कर चले गए। लौटने पर विवेचना कर रहे दरोगा अनिरुद्ध कुमार से न्याय की गुहार लगाई। उसने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाने के नाम पर उनकी मां से 2 लाख रुपयों की मांग की। मांग पूरी न होने पर बिना महिला कांस्टेबल को साथ लेकर दरोगा 13 फरवरी, 2026 को उनके घर के अंदर घुस गया। रुपये न मिलने पर एफआर लगाने की धमकी दी। इस पर उन्होंने दो बार में एक लाख रुपये दरोगा को दे भी दिए। तब भी 16 फरवरी, 2026 को दरोगा ने आरोपियों के पक्ष में एफआर लगा दी।