उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति की बैठक शनिवार को तहसील सदर
में हुई। वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया खंडपीठ
को लेकर अपना रुख स्पष्ट करें, अन्यथा वकील उनके विरुद्ध अभियान चलाने पर
मजबूर होंगे। दो जनवरी को जिला मुख्यालय पर होने वाले प्रदर्शन को सफल
बनाने पर विचार किया गया।
कमिश्नरी के बाद तहसील सदर में आयोजित बैठक में संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट लागू होने तक अधिवक्ता शांत नहीं बैठेंगे। जो जनप्रतिनिधि खुले मन से आंदोलन में भाग नहीं ले रहे हैं, उनके घरों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वकीलों ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री का खंडपीठ को लेकर दोहरा रवैया है। तहसील बार के अध्यक्ष बृजकिशोर लवानिया, सचिव लालबहादुर राजपूत ने कहा कि तहसील के अधिवक्ता संघर्ष समिति के साथ हैं। इस मौके पर केडी शर्मा, जेके पाठक, विजय शर्मा, सुरेंद्र लाखन, अशोक चौबे, श्यामसुंदर शर्मा, गजेंद्र शर्मा, मृगेश कुलश्रेष्ठ, हेमंत भारद्वाज, नितिन शर्मा आदि थे। समिति के मीडिया प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि दो जनवरी के प्रदर्शन के लिए जिले की सभी तहसीलों में बैठक करके समर्थन मांगा जा रहा है। फीरोजाबाद और अलीगढ़ मंडल में भी बैठकें होंगी।