फोटो 26पटियाली के बाढ़ ग्रस्त गांव मुंजखेड़ा में पानी के बीच से होकर गुजरता ग्रामीण। संवाद
कासगंज/पटियाली। हाल में 40 दिन तक बाढ़ की त्रासदी का सामना करने वाले ग्रामीणों की फिर से गांव में बढ़ता पानी देख धड़कनें बढ़ गई हैं। नरौरा बैराज से गंगा में प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को करीब 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा के तटीय आबादी इलाकों में बाढ़ के पानी की फिर से दस्तक पहुंच गई है। उत्तराखंड में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पिछले 5 दिनों से गंगा में प्रवाह बढ़ गया। बढ़े हुए प्रवाह की दस्तक जिले के तटीय इलाकों में हो चुकी है। शुक्रवार को बिजनौर से 30 हजार क्यूसेक पानी बढ़ गया तो नरौरा से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी बढ़ गया। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 18 सेंटीमीटर ऊपर था। शाम के समय और जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका बनी हुई थी। नरौरा बांध से प्रवाह बढ़ने के बाद पटियाली के गांव नगला जयकिशन, नगला नरपत, मुंजखेड़ा, हंसी नगला, नगला दुर्जन, नगला खना, नगला नकारा, राजेपुरकुर्रा में फिर से बाढ़ का पानी पहुंच गया है। पानी बढ़ने की सूचना पर पटियाली तहसील के नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। ग्रामीणों से उनकी परेशानियां पूछीं। गांव में जलस्तर कम होने पर प्रशासन ने इन इलाकों से मोटर बोट हटा ली थीं, अब फिर से मोटरबोट लगाने का निर्णय लिया गया है। खेतों में पानी भरा होने के कारण फिर से फसलों के सर्वेक्षण में बाधा उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही पानी उतरने के बाद सर्वेक्षण का कार्य शुरू कराया था जो पानी बढ़ने से फिर रुक गया है।
पटियाली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव नगला शीशम में तहसील प्रशासन ने शुक्रवार को राहत सामग्री का वितरण कराया। खाद्य सामग्री को पाकर बाढ़ पीड़ितों ने राहत महसूस की। नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने बताया कि ग्राम नगला शीशम में 35 लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया गया है। अन्य ग्रामीणों को भी चिह्नित कर राहत खाद्य सामग्री का वितरण कराया जाएगा।