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Agra News: मासूम को देख पिघला पिता, अनबन भुला ले गया साथ

Sun, 26 May 2024 12:55 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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मैनपुरी।
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पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को पिता अपने मासूम बच्चे को देखकर पिघल गया। मां की गोद से बच्चे को लेकर पहले दुलार किया। बाद में पत्नी के साथ बैठकर गिले शिकवे दूर किए। बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित दंपती अपना अहंकार छोड़कर साथ रहने को राजी हो गए। दंपती ने साथ रहने की बात लिखकर दी तो उनको समझौते के बाद समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया गया।
पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को 24 विवादों की सुनवाई के दौरान एक मामले में दंपती के बीच समझौता हो गया। थाना बेवर के नगला देवी निवासी अंजू पुत्री गजेंद्र की शादी 20 अप्रैल 2018 को शैलेंद्र पुत्र विनोद कुमार निवासी कौरारा बुजुर्ग थाना जसराना जिला फिरोजाबाद के साथ हुई थी। चार माह पहले उनमें मतभेद शुरू हो गए। तीन महीने पहले अंजू मायके चली गई। उसने एसपी से शिकायत की।
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एसपी ने दंपती के बीच समझौता कराने के लिए शिकायत को परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया। शनिवार को दंपती को केंद्र पर बुलाकर काउंसिलिंग की गई। दंपती मतभेद भुलाकर साथ रहने के लिए राजी हो गए। समझौता होने पर दंपती को केंद्र से ही विदा किया गया। रामकिशन यादव, मुजम्मिल मिर्जा, मंजूषा चौहान, कुसुम चाहर, मीनू मौजूद रहे।
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महिला से सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपी न्यायालय से बरी

मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र के एक गांव से चार साल पहले अनुसूचित जाति की एक महिला का अपहरण करके बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो लोगों को न्यायालय से बरी कर दिया गया है। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीता सिंह के न्यायालय में की गई है।
महिला शादी के बाद मायके में रहती है। जोगेंद्र उर्फ जुगाड़ी निवासी नगला गढ़ू थाना कुरावली, अनुज कुमार यादव निवासी बलीपुर थाना नगला खंगर जिला फिरोजाबाद चार साल पहले महिला का अपहरण करके उसको ले गए। बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। एक साल बाद किसी तरह मायके पहुंची महिला ने वर्ष 2021 में थाना कुरावली में दोनों के खिलाफ अपहरण करके बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, महिला सहित गवाही देने वाले गवाह अपनी गवाही में आरोप को साबित नहीं कर सके। आरोप साबित नहीं होने पर स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीता सिंह ने दोनों को बरी कर दिया है।
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