आगरा में तीन साल से लगातार घाटा झेल रहे आलू किसानों ने गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज के समीप महापंचायत कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
इसमें रालोद के जयंत चौधरी ने सरकार से आलू का समर्थन मूल्य 1200 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है लेकिन जिस हिसाब से काम चल रहा है उससे लगता है कि इस काम में कम से कम 40 साल लगेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने में आगरा में 32 किसानों ने आत्महत्या कर ली। इसका कारण तीन साल से लगातार आलू में घाटा होना है।
उन्होंने कहा कि तीन महीने के अंदर सरकार यह तय करे कि फूड प्रोसेसिंग के लिए फैैक्ट्री कहां लगाई जाएगी। ट्रांसपोर्ट सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोर के किराए पर नियंत्रण के लिए सरकार कमेटी बनाए। किराए से संबंधित नोटिस कोल्ड स्टोर के बाहर चस्पा होना चाहिए।
1200 से कम समर्थन मूल्य रहने पर किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिन में किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो किसान सड़ा हुआ आलू सरकारी कार्यालयों में भर देंगे। जयंत ने यूपी सरकार पर निशाना साधा। कहा कि जब से सरकार आई है। तब से भ्रष्टाचार बढ़ गया है।
सही वक्त पर हो आलू खरीद
आलू किसानों को संबोधित करते हुए रालोद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि आलू की खरीद सरकार सही समय पर करे और भुगतान भी किसानों को तुरंत दिया जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार पूंजीपतियों का भला करने के लिए किसानों का गला घोंट रही है। वहीं किसान नेता कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि आलू की कीमतों का जब तक कोई निदान नहीं हो जाता, तब तक किसानों की लड़ाई जारी रहेगी।