धर्मांतरण के बाद हिंदू बना डावली का परिवार अब वहां देव मूर्ति स्थापित करने की तैयारी में है। बड़ी सी प्रतिमा तलाशी जा रही है। इसे सोमवार सुबह विधि-विधान के साथ घर के सामने खुली जगह में स्थापित करने की योजना है। इसके लिए वही जगह चुनी गई है जहां उनके धर्मांतरण के दौरान हवन-पूजन हुआ था। तीन पीढ़ियों के सत्रह सदस्यों के इस संयुक्त मुस्लिम परिवार ने क्रिसमस की शाम हिंदू धर्म अपनाया था।
थाना मलपुरा अंतर्गत डावली गांव के मजरा रठिया निवासी यह परिवार रहमत का है, जो अब गठेली बन चुके हैं। उनके चार बेटों सहित पूरे परिवार का शुद्धिकरण पड़ोसी गांव के लव पंडित ने कराया था। इसके लिए उनके कच्चे घर के बाहर अस्थाई हवन कुंड बनाया गया था। यह परिवार तभी से वहीं नियमित पूजा-पाठकर रहा है। परिवार के बड़े बेटे आरिफ उर्फ रवि का कहना है कि वह किसी कीमत पर मुस्लिम धर्म में वापसी नहीं करेगा। शनिवार को समझाने आए मुस्लिम संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को भी आरिफ उर्फ रवि ने वापस लौटा दिया था। उन्हें बताया कि गांव में न तो मस्जिद न कब्रिस्तान। फिर हिंदू बनने से उन्हें गांव में सबकी बराबरी का दर्जा मिलने की उम्मीद है। जिनके साथ रहना है और दूरियां कम होती हों तो उनका धर्म भी अपना लेने में क्या हर्ज। अब हिंदू धर्म में अपनी आस्था और मजबूती से प्रकट करने के लिए वह सोमवार सुबह विधि-विधान के साथ भगवान की मूर्ति स्थापित करने वाला है। प्रतिमा किसकी होगी, यह उन्होंने नहीं बताया।
रविवार को भी पूरे परिवार ने सामूहिक रूप से अस्थाई कुंड के पास रखी लक्ष्मी-गणेश की छोटी मर्तियों की पूजा के बाद हवन भी किया। वह अन्य ग्रामीणों से पूजन विधि भी सीख रहे हैं। बता दें, रठिया में ग्राम पंचायत की जमीन पर लगभग बीस परिवार रहते हैं।
आसपास के ग्रामीण पहुंचे
धर्म परिवर्तन की चर्चा आसपास के क्षेत्र में फैलने के बाद अब रठिया में रहमत के परिवार से मिलने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार को भी काफी लोग रठिया पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की। लोग जगह-जगह एकत्रित होकर धर्मांतरण पर चर्चा करते नजर आए।
पुलिस भी रख रही नजर
धर्मांतरण के बाद पुलिस और प्रशासन की निगाहें भी रठिया पर टिकी हुई हैं। थाना मलपुरा पुलिस और एलआईयू की टीम लगातार नजर रखे हुए है। पल-पल की जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। ताकि किसी विवाद के पनपने से पहले ही उससे निपटा जा सके।