आगरा। अवैध धर्मांतरण के आरोप में राजकुमार लालवानी की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार गायब हो गया है। केदारनगर स्थित मकान पर ताला लटका है। उसकी पत्नी और बेटा घर छोड़ने के बाद वापस नहीं लौटे हैं। उनमें से किसी ने पड़ोसियों से भी संपर्क नहीं किया है।
शाहगंज के केदारनगर स्थित घर मेें राजकुमार अपनी पत्नी और बेटे के साथ रह रहा था। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। वह घर में ईसाई धर्मसभा आयोजित कर हिंदू युवक-युवतियों को बुलाकर धर्मांतरण कराता था। पुलिस ने एक हफ्ते पहले राजकुमार सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उसकी गिरफ्तारी के दूसरे दिन ही पत्नी और बेटा घर से भाग गए।
केदारनगर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि राजकुमार की पत्नी और बेटा घर पर वापस नहीं लाैटे है। अब उनके घर पर भी कोई नहीं आता है। दो दिन पुलिस पहुंची, लेकिन वापस लाैट गई।
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प्रार्थनासभा का बेटा करता था विरोध
राकेश शर्मा ने बताया कि राजकुमार की हरकतें उसके बेटे को बिल्कुल पसंद नहीं थीं। वह विरोध करता था। अक्सर धर्मसभा और प्रार्थनासभाओं को लेकर उसका पिता से झगड़ा होता था। कई बार लड़ाई इतनी बढ़ जाती थी कि घर के बाहर तक आवाज आती थी। हालांकि, बेटे के विरोध के बाद भी राजकुमार नहीं माना और धर्मांतरण कराता रहा।