बटेश्वर अटल म्यूजियम मे प्रस्तावित मॉडल को देखते अपर सचिव (भारत सरकार) डी आनंदन को देखते अधिकार
बटेश्वर। उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थस्थल में शुमार बटेश्वर धाम की सूरत जल्द ही बदली नजर आएगी। यहां कराए जा रहे विकास कार्यों की रफ्तार तेज कर दी गई है। शनिवार सुबह तीर्थस्थल में विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अपर सचिव डी. आनंदन ने अटल म्यूजियम और कॉरिडोर प्रोजेक्ट की प्रगति परखी। उन्होंने निर्माणदायी संस्था के कर्मचारियों को हिदायत दी कि निर्माण की गुणवत्ता में कोई कसर न छोड़ें।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अपर सचिव डी. आनंदन सुबह करीब 11:30 बजे बटेश्वर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ब्रह्मलाल मुख्य महादेव मंदिर में मत्था टेका। पुजारी अशोक गोस्वामी और राकेश बाजपेयी ने मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद अपर सचिव नेे मुख्य मंदिर परिसर से लेकर अटल संकुल भवन तक पैदल भ्रमण कर 106 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे निर्माणाधीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यमुना किनारे 13 मंदिरों के जीर्णोद्धार के कार्यों का भी जायजा लिया।
उन्होंने करीब 72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे अटल म्यूजियम हॉल, बारह ज्योतिर्लिंगों के मॉडल्स सहित सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति परखी। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह और कार्यदायी संस्था के विशेषज्ञों ने उन्हें प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी दी। अपर सचिव ने स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश कि सभी कार्य गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह, एडीएम (सिविल सप्लाई) प्रशांत कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राघवेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सिंह, ब्रजेश खरे, तहसीलदार बाह संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, परियोजना अधिकारी अखिलेश कुमार, उप परियोजना अधिकारी एसपी. द्विवेदी, इंजीनियर बासिफ किरमानी आदि उपस्थित रहे।