आगरा। सर्द रात में हादसों को रोकने के लिए रोडवेज ने चालकों को निर्धारित गति का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद चालक कई रूट पर 80 किमी़ से अधिक की रफ्तार से बस दौड़ा रहे हैं। अफसरों के पास इनके अलर्ट मैसेज भी आ रहे हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने ऐसे कई चालकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि विभाग ने चालकों के निर्धारित गति का मानक तय कर रखा है। इसके मुताबिक, बस को 80 किमी़ की रफ्तार से अधिक नहीं चला सकते हैं। विभाग में चल रहीं नई बसों में पहले से जीपीएस की सुविधा है। अब जीपीएस पुरानी बसों में भी इंस्टाल कर दिए गए हैं।
चालक जैसे ही बसों को 80 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार पर 5 मिनट तक दाैड़ाते हैं, अफसरों के पास अलर्ट मैसेज पहुंच जाता है। इसके बाद चालक से स्पष्टीकरण लिया जाता है। सही जवाब नहीं देने पर चालक की सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
- ओवरटेक के लिए दाैड़ा रहे बस
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि सर्दियों के माैसम में अक्सर हादसे होते हैं। ऐसे में आरोप लगाए जाते हैं कि बस को तेज गति में चलाया जा रहा था। ठंड और कोहरे में बस की अधिकतम गति सीमा 60 किमी़ प्रति घंटा की जा सकती है। रोजाना 5 से 6 मामले आ रहे हैं। इसमें चालकों का जवाब होता है कि वह ओवरटेक कर रहे थे। इसलिए बस को तेज गति से चलाया था। यदि पांच मिनट से ज्यादा बस चलती है तो वह लापरवाही की श्रेणी में आएगा।