कासगंज के मंडी परिसर में बिक्री के लिए लगा मक्का का ढेर।
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कासगंज। मक्का की सरकारी खरीद बंद हो गई है। जिले में लक्ष्य से लगभग डेढ़ गुना खरीद हुई है। 517 किसानों ने सरकारी केंद्रों पर अपनी मक्का की बिक्री की। सबसे अधिक खरीद होने से जिला प्रदेश में सबसे ऊपर रहा है।जिले में मक्का की खरीद के लिए आठ केंद्र बनाए गए। 15 जून से क्रय केंद्रों को खोल दिया गया, लेकिन फसल तैयार न हो पाने से 5 जुलाई से मक्का की खरीद शुरू हुई। सरकार ने 2225 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया लेकिन मंडी में किसानों को 2000 रुपये कुंतल तक ही भाव मिले। इससे किसानों ने खरीद केंद्रों पर मक्का की बिक्री करने में इस बार काफी उत्साह दिखाया। गत वर्ष जिले में एक भी दाना मक्का की खरीद नहीं हुई थी। इस साल शासन से 2700 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके सापेक्ष 3893.700 मीट्रिक टन मक्का की खरीद हो गई। जो लक्ष्य का 144.21 प्रतिशत है।
ऑनलाइन प्रमाण पत्र निस्तारण में जिला प्रदेश में प्रथम
कासगंज। ई-डिस्ट्रिक्ट ऑनलाइन प्रमाण पत्र निस्तारण में जिले को यूपी में पहला स्थान मिला है। राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में जुलाई माह में कुल 26,686 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 26,397 आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इस प्रकार जनपद का निस्तारण प्रतिशत 98.92 प्रतिशत रहा, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने ई-डिस्ट्रिक्ट टीम की समर्पित मेहनत, तकनीकी नवाचार और सेवा वितरण में पारदर्शिता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि, नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्ता युक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन के प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत नागरिकों को आय, जाति, निवास आदि जैसे विविध प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रदान किए जाते हैं।
राज्य स्तर पर जनता के कार्यों में पारदर्शिता लाने व प्रमाण पत्रों को समयबद्ध तरीके से जारी करने के लिए निरंतर निगरानी एवं समीक्षा की जाती है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अंशुल माहेश्वरी ने बताया कि योजना की समीक्षा शासन की ओर से सीएम डैशबोर्ड, कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग एवं उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग द्वारा नियमित रूप से की जाती है।