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30 मिनट के तूफान से तबाही

Mon, 23 May 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला आगरा
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माौसम - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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 दिन भर 44.5 डिग्री सेल्सियस की गर्मी के बाद रविवार रात 9:50 बजे मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। शहर से देहात तक 30 मिनट तक चक्रवाती तूफान से तबाही मच गई। 42 नॉट (85 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से चलीं चक्रवाती हवाओं ने कहर बरपाया। सैकड़ों होर्डिंग गिर गए। जगह-जगह पेड़ टूट गए। बिजली के खंभे भी धराशाई हो गई। कई जगह दीवार गिर गईं। तूफान थमने के बाद हल्की बूंदा-बांदी भी हुई। गर्मी के सीजन से पहले भी आंधी आई हैं लेकिन यह तूफान अब तक का सबसे ज्यादा खतरनाक रहा।
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हवाएं न केवल तेज थीं, बल्कि गर्म इतनी कि मानो भट्ठी से आग की लपटें निकल रही हों। मौसम के जानकारों ने बताया कि गर्मी के चलते स्थानीय प्रभाव से यह स्थिति बनती है। तूफान के बाद आसमान में बिजली चमकी तो खूब बादल भी गरजे, लेकिन बारिश नहीं हुई। सिर्फ थोड़ी देर बूंदा-बांदी हुई। इससे उमस और बढ़ गई।
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मुसीबत - 1
पोल गिरने से हाईवे पर ट्रैफिक बंद
रात 9:50 बजे जैसे ही तेज हवाएं चलने लगीं, हाईवे पर ट्रैफिक धीमा हो गया। पांच मिनट में हवाओं ने आंधी और फिर तूफान का रूप ले लिया। एनएच-2 पर ट्रैफिक जहां का तहां थम गया। दोनों तरफ होर्डिंग, बिजली के पोल और पेड़ गिरने लगे। गाड़ियों के अंदर बैठे लोग सहम गए। तूफान थमा तो जगह-जगह होर्डिंग टूटे पड़े थे। गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास संकेतक सहित पोल गिर गया। यह हाईवे के एक तरफ (गुरुद्वारा की तरफ) से दूसरी ओर जाकर गिरा। इससे पूरा हाईवे जाम हो गया। मथुरा की तरफ जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह से रूक गया। मथुरा से आगरा की तरफ आने वाला ट्रैफिक भी बाधित रहा। पोल के नीचे से एक एक कर गाड़ियां निकाली गई। इसके चलते वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
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मुसीबत - 2
पूरे शहर की बिजली गुल
तूफान शुरू होते ही बिजली की सप्लाई बंद हो गई। देर रात तक सुचारू नहीं हो पाई। लोग टोरंट को फोन करते रहे लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। कई लोगों ने अमर उजाला के दफ्तर फोन करके सवाल किया कि बिजली कब तक आ पाएगी? टोरंट  के अधिकारियों ने मोबाइल फोन भी स्विच आफ कर लिए। देर रात 12 बजे शास्त्रीपुरम के कुछ हिस्सों बिजली सुचारु हो सकी। जगह जगह तार टूटे होने केचलते सोमवार सुबह भी बिजली सप्लाई बाधित रह सकती है। ऐसे में शहर में पेयजल का संकट और गहरा सकता है। टोरंट की ओर से रात में लाइनों की मरम्मत के लिए कोई टीम भी नहीं लगाई गई। डीएम आवास पर भी कई लोगों ने फोन करके मालूम किया कि बिजली कब आएगी? इससे पहले दिन में भी कई जगह बिजली गुल रही।
मुसीबत -3
कब्रिस्तानों में पेड़ गिरे, दीवार ढही
जिस समय तूफान आया, उस समय कब्रिस्तानों, मस्जिदों, मजारों और दरगाहों पर शब ए बरात पर मगफिरत की दुआ की जा रही थी। लोग इबादत में मशगूल थे कि तूफान ने घेर लिया। करबला में जलसे के लिए बनाया गया मंच ढह गया। यहां कई पेड़ भी गिरे हैं। किशोरपुरा की नई बस्ती में मस्जिद में दीवार गिर गई। इसके अलावा कई जगह पेड़ गिरे हैं। महर्षिपुरम में होली पब्लिक स्कूल के रास्ते पर पेड़ गिर गया। बोदला सब्जी मंडी में घर के टीन उड़ गए। इसमें एक युवक घायल हुआ। मऊ रोड पर बिजली का खंभा मुड़ गया। ताजगंज में भी कई पेड़ और पोल गिरने की सूचना है। विष्णु कालोनी पार्क की 50 फुट लंबी दीवार गिर गई।

देहात में भी भारी नुकसान
आंधी में अछनेरा के गांव नगला गढ़ीमा में ब्रजराज का मकान गिर गया। यहां के राजवीर के मकान की 40 फुट लंबी दीवार गिर गई। ग्राम प्रधान सुखवीर सिंह ने बताया कि देरशाम आई आंधी के दौरान क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई जगह पेड़ टूटने और विद्युत पोल गिर गए। अनुमान है कि आंधी से क्षेत्र में भारी तबाही हुई है। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। वहीं, खेरागढ़ में देरशाम बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहावना हो गया। धूल भरी आंधी से सैंया रोड, नगला कमाल रोड, जगनेर रोड पर पेड़ उखड़ कर गिर पड़े। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
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