मैनपुरी। राजस्व विभाग से फौती का डाटा लेकर कृषि विभाग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत मृतकों की सम्मान निधि रोकेगा। शासन के आदेश पर विभाग ने काम शुरू कर दिया है। मार्च के अंत तक मृतक किसानों का सत्यापन कर उनकी सम्मान निधि रोकी जानी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में जिले के 3.45 लाख किसान पंजीकृत हैं। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू होने के बाद से अब तक मृतक किसानों के सत्यापन के लिए पहल नहीं की गई थी। अब शासन ने मृतक किसानों की सम्मान निधि रोकने के आदेेश दिए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग से फौती का डाटा मांगा गया है। इसके आधार पर ही मृतक किसानों को चिह्नित कर कृषि विभाग उनका सत्यापन कराएगा।
31 मार्च से पहले-पहले ये पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर मृतक किसानों को योजना से बाहर किया जाना है। क्योंकि अप्रैल माह में किसानों के खाते में सम्मान निधि की दूसरी किस्त भेजी जानी है। ऐसे में अगर मृतक किसान बाहर नहीं किए गए तो उनके खाते में एक और किस्त चली जाएगी। कृषि विभाग ने सभी तहसीलों को जल्द फौती का डाटा उपलब्ध कराने को कहा है।
क्या है फौती और कैसे पता चलेंगे मृतक किसान
किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके नाम दर्ज उसके वारिसों के नाम दर्ज की जाती है। इस प्रक्रिया को फौती कहते हैं। तहसील में फौती के लिए आवेदन किया जाता है। किसान की मृत्यु के बाद ही फौती कराई जाती है, ऐसे मे कृषि विभाग को मृतक किसानों का डाटा आसानी से मिल जाएगा।
बैंक खाता बंद होने पर हो पाती है जानकारी
अब तक कृषि विभाग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उसे मृतक किसानों की जानकारी मिल सके। बैंक में मृतक का खाता बंद होने पर ही कृषि विभाग को ये पता चल पाता है कि संबंधित किसान की मृत्यु हो चुकी है। खाता बंद होने तक सम्मान निधि उसके खाते में जाती रहती है। बाद में उसे वापस ले पाना मुश्किल होता है।
फैक्ट फाइल
-3.45 लाख किसान हैं सम्मान निधि के लिए पंजीकृत
-3.19 लाख किसानों को अब तक जारी हो चुकी है किस्त
-23 हजार किसानों का डाटा है त्रुटिपूर्ण
वर्जन
शासन के आदेश पर फौती का डाटा राजस्व विभाग से मांगा गया है। इसके आधार पर मृतक किसानों की सम्मान निधि रोक दी जाएगी। जल्द ये कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
डीवी सिंह, उप कृषि निदेशक।