स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाहगंज में आनंद क्लीनिक एवं डेंटल केयर पर छापा मारा। यह डा. एमडी आनंदानी के नाम से आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत
था। इसी में उनका बेटा डा. एके आनंद दांतों के मरीजों का इलाज कर रहा था। इसका पंजीकरण नहीं था। इसकी केबिन बंद कराते हुए दोनों की ओपीडी
पर रोक लगा दी है। टीम ने दोनों से चिकित्सकीय प्रमाणपत्र, पंजीकरण एवं अन्य विभागों की एनओसी मांगी है।
आयुर्वेद क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त
आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी ने कमला नगर स्थित डा. प्रदीप तिवारी की क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। बताया गया कि संचालक डा.
तिवारी ने अपनी क्लीनिक का लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इसके चलते लाइसेंस निरस्त किया गया है।
एलोपैथी में बीएएमएस, एमएस (एसटीडी) कोई डिग्री नहीं होती। ऐसे लोग आपरेशन कर मरीजों की जान से खेल रहे हैं, सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डा. रविंद्र मोहन पचौरी, अध्यक्ष आईएमए
- बीएएमएस, एमएस (एसटीडी) लिखा है, मतलब वह एमएस के स्टूडेंट हैं। ये पर्चे पर लिखी बीमारियों से संबंधित आपरेशन नहीं कर सकते। इसकी जांच
कराई जाएगी।
डा. नरेंद्र कुमार, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी